सम्पादकीय
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असर संपादकीय: आपकी खूबसूरती को मैं कैसे बयां करूं..
आपकी खूबसूरती को मैं कैसे बयां करूं.. आपकी खूबसूरती को मैं कैसे बयां करूं तुम्हें चांद , तारा या…
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असर सम्पादकीय : काश्मीर और पंडित
आत्मनिर्भर हर रोज़ तरह आज भी विश्वगुरु की प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करता हुआ अपने कार्य में पूरी तरह…
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असर विषेश: ज्ञान गंगा”कुम्भकर्ण का नीति शास्त्र ”
रिटायर्ड मेजर जनरल एके शौरी वाल्मीकि रामायण की विशेषता यह है कि इसके हर चरित्र, चाहे वो श्रीराम…
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असर संपादकीय: अकड़ के रहना, अपनी शान समझते हैं….
सब इंस्पेक्टर प्रेम सागर की कलम से अकड़ के रहना, अपनी शान समझते हैं दे मूछों को ताव , अपनी…
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असर संपादकीय : तुमको होली मुबारिक हो प्रिय ..
सब इंस्पेक्टर आईटीबीपी प्रेम सागर मेरी चाहत है संग तेरे घुल जाएं सारे रंग मेरे पर तू बड़ी दूर…
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असर सम्पादकीय : ट्रान्सफर प्रमोशन और पेंशन
आज दफ्तर में कुछ ख़ास चहल पहल थी, बधाइयों का सिलसिला थमता नही था, चपरासी अपनी पूरी इमानदारी से मिठाई…
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असर संपादकीय: आपकी खूबसूरती को मैं कैसे बयां करूं
सब इंस्पेक्टर आईटीबीपी प्रेम सागर आपकी खूबसूरती को मैं कैसे बयां करूं। आपकी खूबसूरती को मैं कैसे बयां करूं तुम्हें…
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असर संपादकीय: “चक्का जाम” …
छह बजे का अलार्म अपनी पूरी कठोरता से बज उठता है, ऑंखें मलते मलते आत्मनिर्भर अपनी सम्पूर्ण शक्ति जुटा बिस्तर…
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