चैल से लाए नौ चीर तीतर मोई जुब्बर में छोड़े

शिमला। वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत वन विभाग ने मंगलवार को कोटी के मोई जुब्बर में नौ चीर तीतर (Cheer Pheasant) को सॉफ्ट रिलीज किया। ये सभी तीतर चैल स्थित संरक्षण प्रजनन केंद्र में पाले गए हैं। दो
परिवारों में शामिल इन नौ पक्षियों को करीब एक
महीने तक विशेष बाड़े में रखा जाएगा, ताकि वे नए जंगल और मौसम के अनुसार खुद को ढाल सकें।
इन पक्षियों को एपीसीसीएफ (वन्यजीव) के. थिरुमल ने जंगल में बनाए गए सॉफ्ट रिलीज बाड़े में छोड़ा। इस मौके पर वन्यजीव सर्कल दक्षिण शिमला की वन संरक्षक प्रीति भंडारी, डीसीएफ वन्यजीव मंडल शिमला, कोटी पंचायत की प्रधान प्रतिभा, स्थानीय लोग और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
यह चीर तीतर पुनर्स्थापना कार्यक्रम के तहत शिमला में तीसरा रिलीज स्थल है। इससे पहले सेरी और शिल्ली मेहली में भी चीर तीतर छोड़े जा चुके हैं। सॉफ्ट रिलीज के दौरान पक्षियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। उन्हें प्राकृतिक भोजन ढूंढने, जंगल में रहने और शिकारियों से बचने की आदत डालने का मौका दिया जाएगा। करीब एक महीने बाद, स्थिति ठीक रहने पर इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

पहले छोड़े गए पक्षियों के अच्छे नतीजे
वन विभाग के अनुसार वर्ष 2023 में छोड़े गए चीर तीतरों में करीब 92 प्रतिशत और वर्ष 2024 में छोड़े गए पक्षियों में 100 प्रतिशत सर्वाइवल रेट दर्ज हुआ। इससे इस कार्यक्रम के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। कुछ कैद में पाले गए चीर तीतरों का जंगली चीर तीतरों के साथ प्रजनन भी हुआ और उनके चूजे निकलने के प्रमाण मिले हैं।
चीर तीतर एक दुर्लभ और संकट में पड़ी हिमालयी पक्षी प्रजाति है। आईयूसीएन की सूची में इसे ‘वल्नरेबल’ यानी खतरे की स्थिति वाली प्रजाति माना गया है। जंगलों के कम होने और मानवीय गतिविधियों के कारण इसकी संख्या प्रभावित हुई है।
वन विभाग का उद्देश्य चीर तीतर की संख्या को उसके प्राकृतिक क्षेत्र में फिर से बढ़ाना है। इसके लिए पक्षियों को पालने के साथ-साथ उनके रहने की जगह को बेहतर बनाने और उन्हें जंगल में छोड़ने के बाद भी उनकी निगरानी की जा रही है।



