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शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित शिविर में 130 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया

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सोलन, 20 नवंबर
शूलिनी विश्वविद्यालय ने परिसर में आयोजित अपने रक्तदान शिविर को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया दी। इस आयोजन में छात्रों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत प्रदर्शन किया।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला के सहयोग से आयोजित इस शिविर का आयोजन प्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवरों की देखरेख में किया गया, जिन्होंने एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित रक्त संग्रह प्रक्रिया सुनिश्चित की। आईजीएमसी के साथ साझेदारी ने विश्वसनीयता और आत्मविश्वास को बढ़ाया और कई पहली बार रक्तदान करने वालों को आत्मविश्वास के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिसमें 135 से अधिक रक्तदाताओं ने जीवन रक्षक कार्य में योगदान देने के लिए आगे आकर योगदान दिया। गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, कार्यक्रम के दौरान दो सूचनात्मक स्टॉल भी लगाए गए।
अंगदान जागरूकता स्टॉल ने छात्रों को बताया कि कैसे एक अकेला दाता कई लोगों की जान बचा सकता है, जबकि दात्री स्टेम सेल दान जागरूकता स्टॉल ने प्रतिभागियों को स्टेम सेल दान और रक्त कैंसर तथा अन्य जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए इसके महत्व के बारे में बताया।
निदेशक, सस्टेनेबिलिटी एंड कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स, श्रीमती पूनम नंदा ने सामूहिक प्रयास की प्रशंसा की और कहा, “मुझे इस तरह की पहल, सहानुभूति और समर्पण दिखाने वाले हमारे छात्रों पर बहुत गर्व है। रक्तदान सेवा के सबसे शुद्ध रूपों में से एक है, और आज की उपस्थिति वास्तव में हमारे विश्वविद्यालय के करुणामय मूल्यों को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा, इस शिविर को सफल बनाने के लिए आईजीएमसी के प्रत्येक दाता, स्वयंसेवक और हमारे सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद।”
श्रीमती नंदा ने इस आयोजन को सार्थक और यादगार बनाने के लिए आईजीएमसी शिमला, स्वयंसेवकों, समन्वयकों और पूरे विश्वविद्यालय समुदाय का भी आभार व्यक्त किया।
Deepika Sharma

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