ASAR IMPACT:” असर न्यूज “की मुहिम रंग लाई, अब आईजीएमसी में शुरू होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट का सफर
एक साल से लगातार उठाया मुद्दा, सेल सेपरेटर मशीन के लिए सरकार ने जारी किए 8 करोड़

शिमला।
हिमाचल के गंभीर रक्त रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। असर न्यूज की करीब एक साल से चली आ रही मुहिम अब रंग लाती नजर आ रही है। आईजीएमसी शिमला में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी सेल सेपरेटर मशीन की खरीद के लिए 8 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
बल्कि कैंसर अस्पताल की पूरी टीम ने इस और विशेष बल दिया था कि ये मशीन ख़रीदी जाय यही नहीं पीजीआई से आए डॉक्टर पंकज ने भी साफ़ कहा की यदि ये मशीन आती है तो मैं ख़ुद शिमला आ कर ट्रांस्प्लांट करूँगा लेकिन काफ़ी समय से इस मशीन की ख़रीद नदारद थी जिस पर असर न्यूज़ ने मामला उठाया था

असर न्यूज, ने पिछले एक वर्ष के दौरान आईजीएमसी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की जरूरत, मरीजों की परेशानी और इसके लिए आवश्यक अत्याधुनिक मशीनों का मुद्दा लगातार उठाया। अब सरकार की ओर से सेल सेपरेटर मशीन के लिए धनराशि जारी किए जाने के बाद इस सुविधा के शुरू होने की उम्मीद मजबूत हुई है।
सेल सेपरेटर मशीन बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण है।
यह डोनर या मरीज के रक्त से पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल एकत्र करने में मदद करती है। इन स्टेम सेल को आगे प्रोसेस और ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया जाता है। ऐसे में आईजीएमसी में इस मशीन की उपलब्धता बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अब इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने की मजबूरी होगी कम
बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से हिमाचल के मरीजों को इलाज के लिए चंडीगढ़, दिल्ली या दूसरे बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। इससे मरीजों और उनके परिवारों का समय, पैसा और मानसिक परेशानी बच सकेगी। गंभीर रक्त रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होना स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि होगी।
आईजीएमसी में सेल सेपरेटर के साथ SPECT मशीन की खरीद के लिए भी सरकार ने धनराशि जारी की है। इसके अलावा 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के लिए 12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन अत्याधुनिक सुविधाओं से आईजीएमसी की जांच और उपचार क्षमता और मजबूत होगी।
असर न्यूज की लगातार कोशिश के बाद अब जिस सुविधा का लंबे समय से इंतजार था, उसके लिए जरूरी मशीन की खरीद का रास्ता साफ हो गया है। इससे हिमाचल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट शुरू होने की उम्मीद को नई मजबूती मिली है।

