हिमाचल के पीएम श्री स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने किया गुजरात का शैक्षणिक भ्रमण
*66 सदस्यीय दल ने गुजरात के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक स्थलों को करीब से जाना

*शिमला।*
समग्र शिक्षा की ओर से हिमाचल के पीएम श्री स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए गुजरात का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। एक भारत श्रेष्ठ भारत (EBSB) के तहत छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रम (Student-Teacher Exchange Programme) के अंतर्गत आयोजित इस पांच दिवसीय भ्रमण में हिमाचल के शिमला, सिरमौर, ऊना, किन्नौर और सोलन जिलों के पीएम श्री स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए। इस भ्रमण के लिए अकादमिक उपलब्धियों, एनसीसी और एक भारत श्रेष्ठ भारत से जुड़ी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया था। दल का नेतृत्व समग्र शिक्षा की EBSB नोडल अधिकारी वर्षा सूद, रंजना चौहान तथा नंदिनी कंवर ने किया।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गुजरात के विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और विरासत स्थलों का भ्रमण किया। इन स्थलों की यात्रा ने विद्यार्थियों को पुस्तकों में पढ़े इतिहास और संस्कृति को करीब से देखने तथा समझने का अवसर प्रदान किया।
हिमाचल के दल ने गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर (केवड़िया) में नर्मदा नदी के साधु बेट नामक द्वीप पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने इस स्थल पर सरदार पटेल के व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से समझा।
इसी तरह स्कूली बच्चों ने साबरमती आश्रम की यात्रा की, जो उनके लिए इतिहास से सीधे जुड़ने का अनुभव रही। यहां उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन, उनके सादगीपूर्ण जीवन दर्शन और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को जाना। आश्रम में गांधीजी के जीवन से जुड़ी वस्तुओं और स्थानों को देखते हुए विद्यार्थियों ने सत्य, अहिंसा और स्वदेशी जैसे उनके विचारों को समझने का प्रयास किया।
*साइंस सिटी में विज्ञान को प्रयोग और अनुभव के माध्यम से समझा*
गुजरात साइंस सिटी में विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिला। विभिन्न वैज्ञानिक प्रदर्शनों, इंटरैक्टिव गतिविधियों और हैंड्स-ऑन अनुभवों के माध्यम से उन्होंने विज्ञान की अवधारणाओं को केवल पढ़ने के बजाय प्रयोग और अनुभव के माध्यम से समझा। विद्यार्थियों ने विज्ञान, नवाचार और तकनीकी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं में विशेष रुचि दिखाई।
विद्यार्थियों ने ऑटो वर्ल्ड विंटेज कार म्यूजियम का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने विभिन्न दौर की पुरानी और ऐतिहासिक कारों को करीब से देखा। इस संग्रहालय में विभिन्न देशों और दौर की विंटेज एवं क्लासिक कारों का संग्रह है।
स्कूली बच्चे अक्षरधाम मंदिर भी गए। यहां विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और स्थापत्य कला की समृद्ध विरासत को करीब से देखा। मंदिर परिसर की कलात्मक संरचना और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों के विविध पक्षों को समझा।
इसी तरह दल ने अडालज की ऐतिहासिक बावड़ी का भी भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों ने प्राचीन भारत की वास्तुकला और पारंपरिक जल-संरक्षण व्यवस्था को करीब से देखा। अडालज की बावड़ी अपनी पांच मंजिला संरचना, उत्कृष्ट नक्काशी और स्थापत्य विशेषताओं के लिए जानी जाती है तथा गुजरात की ऐतिहासिक जल-संरक्षण परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसके अलावा हिमाचल के दल ने दो स्थानीय पीएम श्री स्कूलों का भी दौरा किया और वहां की शैक्षणिक सुविधाओं तथा व्यवस्थाओं को करीब से समझा।
इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को गुजरात की ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ वहां की संस्कृति, परंपराओं, भाषा, खान-पान और जीवन शैली को भी करीब से जानने का अवसर मिला। एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत आयोजित इस छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों को गुजरात की संस्कृति, भाषा, खान-पान और विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना रहा।
समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने इस शैक्षणिक यात्रा के लिए शिक्षकों और स्कूली बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आदान-प्रदान कार्यक्रम से विद्यार्थियों को देश की विविधता को करीब से समझने और ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलता है।



