सचिवालय कर्मचारियों ने सरकार को चेताया, लंबित मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन की होगी रणनीति

शिमला, 7 जुलाई। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन की मासिक कार्यकारिणी बैठक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह (मियां) की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सचिवालय कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सरकार एवं सचिवालय प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई गई। संगठन का कहना है कि पिछले कई महीनों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन एवं मांग-पत्र सौंपे गए हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
बैठक में संगठन ने कहा कि सचिवालय प्रशासन कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता और गंभीरता नहीं दिखा रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के बजाय उन्हें लंबे समय तक लंबित रखा जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
बैठक में सचिवालय में लंबे समय से रिक्त पड़े 223 लिपिकीय पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग दोहराई गई। संगठन ने कहा कि रिक्त पदों के कारण कर्मचारियों पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संगठन ने वर्ष 2025 में नियुक्त 87 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से ₹400 प्रतिमाह सचिवालय भत्ता प्रदान करने की मांग भी दोहराई। साथ ही सचिवालय, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, राज्यपाल सचिवालय, सम्पदा कार्यालय और प्रोटोकॉल कार्यालय में सचिवालय भत्ते से वंचित कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने की मांग उठाई गई।
बैठक में सचिवालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से मेडिकल ऑफिसर का पद रिक्त होने पर चिंता व्यक्त की गई। कर्मचारियों एवं पेंशनरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति तथा एक फार्मासिस्ट की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की गई।
संगठन ने सचिवालय में आधुनिक कार्यालय सुविधाएं उपलब्ध कराने, मॉड्यूलर फर्नीचर, नवीनतम कंप्यूटर, प्रिंटर और उच्च गुणवत्ता की स्टेशनरी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा सचिवालय परिसर में इंटरनेट एवं मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए हाई-स्पीड इंटरनेट, मजबूत वाई-फाई नेटवर्क तथा डिजिटल कार्ड सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
बैठक में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने, आरक्षित पार्किंग को सुरक्षित रखने तथा अनधिकृत वाहनों पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सचिवालय कैंटीन की गुणवत्ता, स्वच्छता और भोजन व्यवस्था में सुधार कर कर्मचारियों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उचित दरों पर उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
संगठन ने सचिवालय में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव-डे वीक) लागू करने, कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) और एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन शीघ्र ही मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से विस्तृत मुलाकात कर कर्मचारियों की सभी लंबित एवं न्यायोचित मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा तथा उनके समयबद्ध समाधान की मांग करेगा।
संगठन ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेगी। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर आगामी आंदोलनात्मक रणनीति अपनाने के लिए बाध्य होगा।



