कुल्लू अस्पताल विवाद: निष्पक्ष जांच से पहले डॉक्टरों को दोषी न ठहराएं, HMOA की अपील
डॉ. अनु के समर्थन में मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन बोला— जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक को दोषी ठहराना उचित नहीं

कुल्लू अस्पताल में विरोध-प्रदर्शन पर HMOA ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच तक संयम बरतने की अपील
डॉ. अनु के समर्थन में मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन बोला— जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक को दोषी ठहराना उचित नहीं
कुल्लू, 28 जून:
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (HMOA) ने क्षेत्रीय अस्पताल, कुल्लू में हाल ही की घटना के बाद अस्पताल परिसर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक को दोषी ठहराना या उनके खिलाफ जनभावनाएं भड़काना न्यायोचित नहीं है।
HMOA के प्रेस सचिव डॉ. विजय कुमार राय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षेत्रीय अस्पताल, कुल्लू में कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु एक मेहनती, समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक हैं। किसी एक घटना के आधार पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सक सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मरीजों को सर्वोत्तम उपचार देने का प्रयास करते हैं। चिकित्सा विज्ञान की अपनी सीमाएं हैं और गंभीर मरीजों के उपचार में जोखिम स्वाभाविक रूप से जुड़े होते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की निष्पक्ष जांच से पहले चिकित्सकों के विरुद्ध माहौल बनाना उचित नहीं है।
HMOA ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की शिकायत है तो उसका समाधान कानून और प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन से अन्य मरीजों के उपचार में बाधा आती है, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों में असुरक्षा का वातावरण बनता है।
एसोसिएशन ने प्रदेशवासियों, मरीजों के परिजनों और सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पर विश्वास रखने तथा चिकित्सा समुदाय के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कहा कि अस्पताल उपचार और सेवा का स्थान है, विरोध-प्रदर्शन का नहीं तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

