हिमाचल में उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 2026-27 से लागू होगी नई व्यवस्था

शिमला, 11 जून।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत राज्य के सरकारी एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में स्नातक शिक्षा प्रणाली के पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी।
अधिसूचना के अनुसार 1,500 से अधिक छात्र संख्या वाले 26 सरकारी डिग्री कॉलेजों में चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम (FYUGP) विद ऑनर्स तथा ऑनर्स विद रिसर्च शुरू किया जाएगा। वहीं 1,000 से 1,500 विद्यार्थियों वाले तीन सरकारी महाविद्यालयों में चार वर्षीय ऑनर्स कार्यक्रम संचालित होगा।
सरकार ने कम छात्र संख्या वाले नौ सरकारी कॉलेजों को संबंधित जिला मुख्यालय स्थित महाविद्यालयों में विलय करने का भी निर्णय लिया है। इन कॉलेजों में नए प्रवेश नहीं होंगे। हालांकि पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय के कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों को प्रति माह 5,000 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
अधिसूचना में तीन संस्कृत महाविद्यालयों—फागली, सुंदरनगर और नाहन—में भी चार वर्षीय ऑनर्स एवं ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम शुरू करने का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त सेंट बीड्स कॉलेज शिमला, एमसीएम डीएवी कॉलेज कांगड़ा, एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर और एसवीएसडी कॉलेज भटोली सहित चार अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों को भी चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स कार्यक्रम चलाने की अनुमति दी गई है। हालांकि इनके लिए कोई अतिरिक्त पद या वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी और न्यूनतम 1,000 विद्यार्थियों की संख्या बनाए रखना अनिवार्य होगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा विद्यार्थियों को शोध आधारित उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



