शिक्षास्वास्थ्य

MBBS प्रशिक्षुओं को HIV/AIDS नियंत्रण कानून की दी गई जानकारी, आईजीएमसी में कार्यक्रम

No Slide Found In Slider.

आईजीएमसी शिमला में MBBS अंतिम वर्ष स्नातकप्रशिक्षुओं हेतु एड्स पर जागरूकता वा संवेदीकरणकार्यक्रम आयोजित

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

सामुदायिक चिकित्सा विभाग इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला द्वाराMBBS अंतिम वर्ष प्रशिक्षुओं हेतु, एड्स पर जागरूकता वा संवेदीकरणकार्यकाल आयोजित किया गया। आईजीएमसी शिमला के प्रधानाचार्य डॉ सीता ठाकुर, विभागाध्यक्ष सामुदायिक चिकित्सा विभाग डॉ अनमोल गुप्ताके सफल मार्गदर्शन, जिला चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ यशपाल रांटा, जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी डा तहसीन के सहयोग से और सहायक प्राचार्य डॉ गोपाल आशीष शर्मा की अगुवाई में इस कार्यक्रम को सफलताका आयोजन किया गया।

इस संवेदीकरण सत्र में डॉ गोपाल आशीष शर्मा ने MBBS प्रशिक्षुओं कोHIV/AIDS रोकथाम और नियंत्रण एक्ट 2017 पर समूह सहभागिता औरचर्चा के माध्यम से जागरूक किया। कार्यक्रम में HIV /AIDS रोकथाम औरनियंत्रण वा HIV के साथ रह रहे व्यक्तियों के मानवाधिकारियों की रक्षाजैसे उपरोक्त एक्ट के मुख्य लक्ष्यों पर प्रकाश डाला गया। डॉ गोपालआशीष ने बताया कि यह एक्ट सार्वभौमिक परीक्षण और उपचार सुनिश्चितकरता है और निजी संस्थानों पर भी यह एक्ट लागू होता है। एक्ट सेक्शन-29 के माध्यम से यह साफ तौर पर कहता है कि रक्षित लाभार्थी (HIV/AIDS) के साथ रहने वाले व्यक्ति को रिहाइश या साझा रिहाइश मुहैया करवाईजाए। एक्ट सेक्शन 3 में HIV के साथ रह रहे व्यक्तियों की साफ तौर परकिसी भी तरह के साथ कार्य स्थल / सामुहिक स्थल/ स्वास्थ्य संस्थान/ शिक्षा संस्थान में भेद भाव का खंडन करता है और इसी में अनुलंघन उपरांत 2 वर्ष तक के कारावास और/या 1 लाख तक जुर्माने का भी प्रावधान है। साथही उपरोक्त एक्ट HIV /AIDS संचरण के रोकथाम के हेतु हर संभवस्वास्थ्य रख रखाव सुविधा जैसे काउंसलिंग, सुरक्षित यौन संबंध हेतु कॉन्डमउपलब्धता भी वितरण, इलाज हेतु दवाओं और इंजेक्शंस की उपब्धता जैसेअन्य सुविधाओं को भी सुनिश्चित करता है। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं नेलोकपाल बिल पर भी चर्चा की, और लोकपाल का HIV/AIDS रोकथाम और नियंत्रण एक्ट के उलंघन या किसी भेद भाव की शिकायत निवार हेतुकार्यवाही पर प्रकाश डालये हुए संस्थान के शिकायत निवारण अधिकारी, लोकपाल, और मजिस्ट्रेट के इस एक्ट में किरदार पर भी प्रकाश डाला।HIV/AIDS के साथ रह रहे व्यक्तियों के साथ भेद भाव और समाजिक अप्रधान को एक्ट की उलंघना मानते हुए कारागार या/और जुर्माने काप्रावधान है। हर संस्थान जिसमें 100 या उससे अधिक व्यक्ति पंजीकृत होंऔर स्वास्थ्य संस्थान जहां 20 या उससे अधिक व्यक्ति पंजीकृत हों वह सभीसंस्थान इस एक्ट के शिकायत निवारण प्रणाली के आधीन हैं।

सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्राचार्य डॉ दिनेश्वर सिंघ डडवाल, MBBS स्नातक प्रभारी वा सह प्राध्यापक डॉ अंजलि महाजन, सहायक प्राचार्य डॉ तृप्ति चौहान,  डॉ विजय बरवाल और सहायक प्राध्यापक डॉ प्रेम चौहान, डॉ अमित सचदेवा के सफल मार्गदर्शन वा सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ/रेजिडेंट्स डॉ साक्षी, डॉ रोहित, डॉ अर्चित, डॉ अनुज, डॉ आकृति, डॉ शाहनवाज, डॉ अश्मिता, डॉ तमन्ना, डॉ रानो, डॉ आशिमा, डॉ भानु, डॉ कुदरतऔर डॉ मोहित के कर्मठ सहयोग से इस कार्यक्रम का सफल क्रियान्वन किया गया।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close