CBSE मूल्यांकन ड्यूटी पर बवाल: राजकीय अध्यापक संघ ने उठाए सवाल
हिमाचल बोर्ड का सिलेबस पढ़ाने वाले शिक्षकों से CBSE कॉपियां क्यों जंचवाई जा रहीं?

हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के संज्ञान में आया है कि सी.बी.एस.सी. हिमाचल के उन सरकारी से बहुत से अध्यापकों की ड्यूटी सी.बी.एस.सी. के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य हेतु लगा दी है। बिडम्बना यह है कि एक ओर तो सरकार यह मानती है कि बर्तमान में इन विद्यालयों में कार्यरत अध्यापक सी.बी.एस.सी. स्कूलों में पढ़ाने की योग्यता नहीं रखते हैं और इसके लिए उन्हें एक विशेष परीक्षा से गुजरना पड़ेगा और दूसरी तरफ सी.बी.एस.सी.ने इन स्कूलों के अध्यापकों की मूल्यांकान कार्य में ड्यूटी लगा दी है। इसका तात्पर्य यह है की सी.बी.एस.सी. इन्हें पात्र मानती है। ये अध्यापक वर्तमान में हिमाचल शिक्षा बोर्ड का सिलेबस पढ़ा रहे हैं जिसमें कुछ विषयों में 30% तक का सिलेबस तो हिमाचल का अपना है। इससे भी बड़ा मुद्दा यह है कि इन स्कूलों ने अभी हिमाचल बोर्ड द्वारा संचालित अपने स्कूलों की भी परीक्षाएं करवानी है। संघ सरकार v विभाग से इस मुद्दे पर दखल की मांग करता है और इन ड्यूटी को तत्काल रद्द करने की मांग करता है। संघ यह भी मानता है कि यदि ये रद्द नहीं होती तो सरकार अध्यापकों को परेशान करने के लिए विशेष परीक्षा आयोजित कर रही है। संघ दावे के साथ यह भी मानता है कि जो सुधार सी.बी.एस.सी. विद्यालयों के लिए सुझाए गए है यदि वे यथावत रूप में हिमाचल शिक्षा बोर्ड के चलते ही लागु किए जाएं तो हम उनसे भी वेहतर परिणाम दे सकते हैं।



