बाहरा विश्वविद्यालय में 9 अक्टूबर को दीक्षांत समारोह 2026

हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल कविंदर गुप्ता होंगे समारोह की शोभा
**वाकनाघाट, सोलन | 8 अक्टूबर 2026:** बाहरा विश्वविद्यालय, वाकनाघाट (सोलन) में 9 अक्टूबर 2026 को दीक्षांत समारोह 2026 का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के सभागार में होने वाला यह समारोह स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा का एक अहम पड़ाव होगा।
हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। वे उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगे और उन्हें सम्मानित भी करेंगे।
समारोह में स्वर्ण पदक, पीएचडी, स्नातकोत्तर (पीजी) और स्नातक (यूजी) उपाधियां प्रदान की जाएंगी। यह आयोजन विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों और सफल पढ़ाई पूरी करने का सम्मान है।
दीक्षांत समारोह को लेकर परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल है। विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और पूरा विश्वविद्यालय परिवार इस गरिमामय आयोजन की तैयारियों में जुटा है। यह समारोह केवल डिग्रियों का वितरण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और समर्पण का उत्सव भी होगा।
समारोह से पहले कुलपति डॉ. आर. पी. नेंटा ने विश्वविद्यालय के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में सफलता की शुभकामनाएं दीं।
कुलसचिव विनीत कुमार ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने माननीय राज्यपाल, गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और उन सभी हितधारकों का आभार जताया, जिनके सहयोग से दीक्षांत समारोह 2026 का सफल आयोजन संभव हो पा रहा है।
यह समारोह बाहरा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार, उद्योग-उपयोगी शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
परिसर में उमंग और उत्साह के बीच दीक्षांत समारोह 2026 उपलब्धि, आकांक्षा और विद्यार्थियों के जीवन के नए अध्याय में प्रवेश का यादगार उत्सव बनने जा रहा है।
“आकांक्षाओं से वास्तविकता तक” (Aspirations to Reality) के मार्गदर्शक सिद्धांत पर चलते हुए बाहरा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध करा रहा है, जहां वे अपने सपनों को सार्थक उपलब्धियों में बदल सकें।



