शिमला में NHM की HPV टीकाकरण पर समीक्षा बैठक, 90% कवरेज वाले 6 हेल्थ ब्लॉक्स सम्मानित

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), हिमाचल प्रदेश द्वारा आज शिमला के होटल रैडिसन जैस, भरारी में एचपीवी टीकाकरण और नियमित टीकाकरण पर एक राज्य स्तरीय समीक्षा-सह-पुनर्सरमुखीकरण (Review-cum-Reorientation) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा करना, नियमित टीकाकरण के प्रमुख संकेतकों (KPIs) का मूल्यांकन करना और राज्य भर में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाना था।
समारोह में हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य सचिव, श्री आशीष सिंघमार, आईएएस ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रदीप कुमार ठाकुर, आईएएस, और एनएचएम के उप मिशन निदेशक डॉ. राजेश गुलेरी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला व ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी तथा तकनीकी साझीदार उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में प्रत्येक पात्र किशोर बालिका को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए समय पर टीका सुरक्षा प्रदान करने हेतु मजबूत योजना, सामुदायिक लामबंदी और कोल्ड-चेन प्रबंधन के महत्वपूर्ण महत्व पर जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य भर में कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी अभियान का विस्तार अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रत्येक बच्चे के लिए व्यापक टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने हेतु नियमित टीकाकरण को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य ब्लॉकों का सम्मान समारोह रहा। श्रेणी-I के तहत 90% से अधिक कवरेज हासिल करने वाले स्वास्थ्य ब्लॉकों—धगेरा (सिरमौर), पूह (किन्नौर), गलोड़ (हमीरपुर), शिलाई (सिरमौर), भरमौर (चंबा) और संगड़ाह (सिरमौर)—को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं श्रेणी-II के तहत 500 से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण करने वाले ब्लॉकों—नालागढ़ (सोलन), जारी (कुल्लू), नूरपुर (कांगड़ा), बसदेहड़ा (ऊना), राजपुर (सिरमौर), फतेहपुर (कांगड़ा), रत्ती (मंडी) और रोहांडा (मंडी)—को भी उनके सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
दिन के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में जिला एवं ब्लॉक-वार टीकाकरण कवरेज की समीक्षा, खसरा-रूबेला (MR) उन्मूलन की प्रगति, UWIN डेटा अपडेशन, VPD व AEFI निगरानी और RBSK की समीक्षा शामिल रही, जिसका समापन जमीनी स्तर की परिचालन चुनौतियों पर खुली चर्चा (Open House Discussion) के साथ हुआ। विशेषज्ञों ने स्थानीय स्तर पर हिचकिचाहट को दूर करने और किशोरियों में एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देने की रणनीतियों का विश्लेषण किया। उन्होंने सभी नियमित टीकाकरण एंटीजन में उच्च कवरेज बनाए रखने के लिए छूटे हुए बच्चों (ड्रॉपआउट्स) की ट्रैकिंग की आवश्यकता पर भी बल दिया।

