राजकीय कन्या महाविद्यालय (RKMV), शिमला की अंग्रेजी साहित्यिक सोसाइटी “MUSE” द्वारा *”मिथकों से बाजार तक

महिलाओं का प्रतिनिधित्व और महिला (स)शक्तिकरण का प्रश्न”* विषय पर एक संवादात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के अंग्रेजी विभाग की पूर्व प्रोफेसर एवं अध्यक्ष तथा भाषा संकाय की पूर्व डीन डॉ. पंकज के. सिंह उपस्थित रहीं।
डॉ. सिंह ने अपने सारगर्भित व्याख्यान में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की यात्रा को पौराणिक आदर्शों से लेकर समकालीन बाजार-प्रधान छवियों तक रेखांकित किया। उन्होंने आलोचनात्मक रूप से विश्लेषण किया कि कैसे साहित्य, मीडिया और बाजार की शक्तियों ने महिलाओं की छवि को गढ़ा और अक्सर रूढ़िबद्ध किया है, जिससे सशक्तिकरण और अशक्तिकरण के सवाल उठते हैं। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे ऐसे प्रतिनिधित्वों को समझने के लिए एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करें और सजग पाठक और विचारक बनें।
यह सत्र अत्यंत संवादात्मक और विचारोत्तेजक रहा। अंग्रेजी विभाग की छात्राओं ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया।
महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना ने मुख्य वक्ता डा. पंकज के. सिंह का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं जेंडर संवेदीकरण और छात्राओं के बौद्धिक क्षितिज को व्यापक बनाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं से अपनी क्षमता को पहचानने और अपने सपनों को पूरा करने का आग्रह किया। इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग के डॉ. संध्या शर्मा, प्रो. गीता शर्मा, डॉ. विनय मोहन शर्मा, डॉ.उपमा शर्मा और प्रोफेसर रक्षा कालटा महाविद्यालय के उप- प्राचार्य डॉ. सुभाष कापटा, डॉ. कार्तिकेय चौहान और महाविद्यालय परिवार के सभी शिक्षक गण और छात्राओं ने भाग लिया।
प्राचार्या
राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला


