हक का पैसा दो, वरना सड़कों पर उतरेंगे’, डीए को लेकर कर्मचारी संगठनों का सरकार को अल्टीमेटम

राजकीय सी० एण्ड वी० अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी के प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह ठाकुर महिला मोर्चा अध्यक्ष कान्ता ठाकुर, महासचिव होशियार सिंह, वित्त महासचिव दलीप सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान दीप राम चंदेल और भगत सिंह तथा राज्य कार्यकारिणी के राज्य प्रैस महासचिव विनोद चौहान सहित समस्त पदाधिकारियों और सभी जिलों के जिलाध्यक्षों ने एक सुर में प्रदेश सरकार से सबसे पहले चिरकाल से लम्बित डी ए की किस्त अविलम्ब जारी करने की मांग उठाई है ताकि सरकार के प्रति सभी प्रकार के कर्मचारियों की निष्ठा बनी रहे और कर्मचारियों को इस कारण प्रत्येक माह हो रहे वित्तीय घाटे को कम किया जा सके । क्योंकि पिछले कई सालों से कर्मचारियों को डी ए की किस्त नहीं मिली है जिसके कारण सभी कर्मचारियों को अन्य सभी अभी तक न मिले वित्तीय लाभों को मिलाकर कम से कम प्रति माह 5000 – 10000 हजार के बीच आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके साथ संगठन के पदाधिकारियों ने लगभग पिछले तीन सालों से उच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित कर्मचारियों की लम्बित देय बकाया राशि को भी त्वरित प्रभाव से शीघ्रातिशीघ्र कर्मचारियों के (चार्जिज हैड में ) बजट डालने की भी मांग दोहराई है। यह अति संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि आज तक किसी भी सरकार ने कोर्ट द्वारा निपटाए मामलों को इतनी उदासीनता से नहीं लिया था। इसलिए कर्मचारियों का कहना है कि लम्बे समय से सरकार आर्थिक स्थिति ठीक न होने का बहाना बनाकर कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है, जिसके कारण सभी कर्मचारियों में रोष की लहर पनप रही है और फिर मजबूरन सभी संगठनों को एकजुट होकर अपने हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। इसलिए सरकार समय रहते सभी कर्मचारियों की आजतक की 15℅ देय डी ए की पूरी किस्त तथा उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए वित्तीय देनदारी के लाभों को त्वरित कर्मचारी हित में जारी करे। संगठन ने सरकार की कार्यशैली पर यह कहकर चिंता और हैरानी जताई कि सरकार कर्मचारियों के विरुद्ध देय वित्तीय लाभों को न देने के लिए लाखों रुपए उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखने के लिए सरकारी खजाने का दुरूपयोग करके खर्च कर रही है।




