बिजली बोर्ड प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम, मांगें पूरी न होने पर काले बैज लगाकर करेंगे विरोध

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ, सिटी यूनिट शिमला के सचिव अंकेश शर्मा ने कहा कि राज्य बिजली बोर्ड में 1200 से अधिक आईटीआई एवं नॉन-आईटीआई तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनमें लगभग 350 नॉन-आईटीआई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने पदोन्नति के लिए निर्धारित सभी पात्रताएं पूरी कर ली हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों के आईटीआई कर्मचारी भी अपना निर्धारित कार्यकाल पूर्ण कर चुके हैं और पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 26 अगस्त 2023 को सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति कोटा में किए गए बदलाव के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है। आरोप है कि बिजली बोर्ड प्रबंधन ने नॉन-आईटीआई तकनीकी कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और पदोन्नति पर पड़ने वाले प्रभाव का समुचित आकलन किए बिना सेवा नियमों में संशोधन कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप अनेक कर्मचारियों को 15 से 20 वर्ष की सेवा के बाद भी पदोन्नति नहीं मिल सकी। कई कर्मचारी बिना पदोन्नति प्राप्त किए ही सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।
तकनीकी कर्मचारी संघ ने बिजली बोर्ड प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। यदि निर्धारित अवधि में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो सिटी यूनिट शिमला के तकनीकी कर्मचारी काले बैज लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
संघ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के लगभग 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कर्मचारी अपने नियमित कार्यों का बहिष्कार नहीं करेंगे तथा विद्युत आपूर्ति एवं उपभोक्ता सेवाओं को किसी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदेश तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री द्वारा दिए गए इस अल्टीमेटम के समर्थन में सिटी यूनिट शिमला के सभी तकनीकी कर्मचारी एकजुट हैं। आगामी रणनीति एवं संगठन के निर्देशों के अनुसार सिटी यूनिट शिमला प्रदेश संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में भाग लेगी।



