आंगनवाड़ी केंद्रों की खुली पोल या मिली राहत? शिकायत के बाद आयोग ने की मौके पर जांच

आंगनवाड़ी केंद्रों की खुली पोल या मिली राहत? शिकायत के बाद आयोग ने की मौके पर जांच

शिमला, 17 जुलाई। हिमाचल प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा श्रीमती अनीता ठाकुर के नेतृत्व में आयोग की सदस्य सुश्री समीक्षा ठाकुर एवं सुश्री नेहा कौशल ने आयोग की आधिकारिक स्टाफ सदस्य श्रीमती कविता के साथ आंगनवाड़ी केंद्र पुजारली (धमेची), तहसील जुन्गा, जिला शिमला तथा आंगनवाड़ी केंद्र गांव डगाह, तहसील जुन्गा, जिला शिमला का निरीक्षण किया।

यह निरीक्षण Youth Enlightenment Society, Himachal Pradesh द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर किया गया। निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्रदान की जा रही प्री-स्कूल शिक्षा, पूरक पोषण आहार, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों के रख-रखाव तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत जायजा लिया।
आयोग की टीम ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की तथ्यात्मक जांच की तथा केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का भौतिक निरीक्षण किया। जहां आवश्यक पाया गया, वहां संबंधित अधिकारियों को कमियों को शीघ्र दूर करने तथा सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर आयोग की अध्यक्षा श्रीमती अनीता ठाकुर ने कहा कि बच्चों के अधिकारों, पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग प्राप्त शिकायतों पर निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे।


