OPS पर नजर डाली तो सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी, UPS का विरोध तेज

हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता या उसे समाप्त करने के प्रयास कर्मचारियों के अधिकारों का हनन होगा। हाल ही में प्रसारित एक प्रेस वार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा था कि हम न्यू पालिसी की तरफ़ जाएँगे, अर्थात् उनका सीधा संकेत UPS की तरफ़ था इस पर प्रदीप ठाकुर अध्यक्ष नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के व्यान से कर्मचारियों में रोष है और इस रोष का खामियाजा उन्हें भविष्य में भुगतना पड़ेगा l
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों ने लंबा संघर्ष, आंदोलन और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी पुरानी पेंशन बहाल करवाई है। वर्ष 2022 के बाद से हजारों कर्मचारियों को OPS का लाभ मिल रहा है और ऐसी स्थिति में UPS को लागू करने का कोई भी प्रयास कर्मचारियों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन होगा। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि भविष्य में UPS लागू करने का प्रयास किया जाता है तो वर्तमान में OPS का लाभ प्राप्त कर रहे लगभग 1,36,000 कर्मचारियों का क्या होगा।
उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्रिमंडल तथा सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने चुनावी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन को पहली गारंटी के रूप में शामिल किया और सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में OPS लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। आज 10,000 से अधिक कर्मचारी रिटायर होकर OPS का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
प्रदीप ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न माध्यमों से हिमाचल प्रदेश पर UPS लागू करने का दबाव बनाने के प्रयास कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद किया इतने दबाव के बावजूद भी उन्होंने प्रदेश में UPS लागू नहीं किया और उन्होंने विस्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार अपने पूर्व घोषित रुख पर कायम रहेगी और हिमाचल प्रदेश में OPS व्यवस्था को जारी रखेगी।
प्रदीप ठाकुर और भरत शर्मा ने संयुक्त रूप ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि OPS की सुरक्षा हेतु आवश्यक कानूनी प्रावधान किए जाएँ, ताकि भविष्य में किसी भी सरकार द्वारा इसे समाप्त न किया जा सके और कर्मचारियों के अधिकार स्थायी रूप से सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी पूरी तरह संगठित हैं और यदि भविष्य में अपने अधिकारों एवं पुरानी पेंशन की रक्षा के लिए पुनः संघर्ष या आंदोलन करना पड़ा, तो कर्मचारी समुदाय उसके लिए भी पूर्ण रूप से तैयार है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहकर OPS की रक्षा के लिए सतर्क और संगठित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जो लोग सता में भी नहीं हैं वह आज OPS को बंद करने की बात कर रहे हैं लेकिन प्रदेश के कर्मचारी भी सजग हैं कि उन्हें भविष्य में क्या करना है इस बात से वह भली भांति वाक़िफ़ हैं l उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों से भी अपील की है कि जो भी राजनीतिक दल हमारी OPS के विरुद्ध कार्य करें ऐसे दलों को चुनावो में भी ज़रूर सबक सिखाए l
उन्होंने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी ने गंभीर आर्थिक समस्याओं के चलते हुए भी OPS जैसा तौफ़ा कर्मचारियों को दिया है जिसके लिए वह हमेशा उनके ऋणी रहेंगे l



