हिमाचल की शिक्षा में बड़ा बदलाव: यूनेस्को के HP FUTURES मॉडल का 14 हजार स्कूलों तक होगा विस्तार
राज्य सरकार यूनेस्को के साथ साझेदारी को दीर्घकालिक रूप से आगे बढ़ाएगीः राकेश कंवर

HP FUTURES कार्यक्रम को सभी स्कूलों तक पहुंचाने के लिए बनेगा प्लानः राजेश शर्मा*
HP FUTURES कार्यक्रम के हिमाचल में एक साल पूरे,
शिमला में हुई समीक्षा बैठक*
शिमला
यूनेस्को के साथ हिमाचल प्रदेश की साझेदारी के शिक्षा में साकात्मक बदलाव दिखे हैं। प्रदेश सरकार ने एक साल पहले यूनेस्को के साथ हिमाचल प्रदेश FUTURES (Foundation for Upskilling, Teacher Excellence, Understanding, Readiness, Equity and Sustainability) प्रोजेक्ट लागू किया था। इसके तहत स्कूलों में दक्षता आधारित शिक्षा
(Competency-Based Education) और 21वीं सदी के कौशल, खेलों के माध्यम से मूल्य आधारित शिक्षा (Value Education through Sports), हरित शिक्षा (Green Education) पर कार्य किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में इसके कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा बैठक शुक्रवार को शिमला में आयोजित की गई। इसमें शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त निदेशक (खेल) हितेश आजाद, यूनेस्को की दक्षिण एशिया शिक्षा प्रमुख जॉयस पोआन, मोनिका लामा, समग्र शिक्षा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान यूनेस्को द्वारा कार्यक्रम के प्रथम वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट भी जारी की गई। इस अवसर पर शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि FUTURES कार्यक्रम के तीनों स्तंभ शिक्षा को अधिक समग्र, प्रासंगिक और भविष्य उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीन एजुकेशन, मूल्य आधारित शिक्षा तथा 21वीं सदी के कौशलों पर आधारित यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित मॉड्यूल्स में हिमाचल प्रदेश की स्थानीय आवश्यकताओं और परिस्थितियों का समावेश किया गया है, जिससे विद्यालय समुदाय के साथ इनका बेहतर जुड़ाव स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के प्रथम चरण में पीएम श्री विद्यालयों को शामिल किया गया है, लेकिन भविष्य में इसकी सफल कार्यप्रणालियों को अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा। राकेश कंवर ने कहा कि राज्य सरकार यूनेस्को के साथ इस साझेदारी को दीर्घकालिक रूप से आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखकर शिक्षण प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और विद्यालयों की दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया जाना आवश्यक है। *वैश्विक शैक्षिक अवधारणाओं को स्थानीय जरूरतों से जोड़ा गया : राजेश शर्मा* समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने यूनेस्को के साथ साझेदारी कर वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम शैक्षिक अवधारणाओं और कार्यप्रणालियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति, शिक्षकों की आवश्यकताओं तथा विद्यालयी प्रक्रियाओं का विस्तृत अध्ययन कर शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए महत्वपूर्ण उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से दक्षता आधारित शिक्षा, खेलों के माध्यम से मूल्य आधारित शिक्षा और ग्रीन एजुकेशन को प्रभावी ढंग से विद्यालयों में लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। विद्यार्थियों में समानता, सहयोग, जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे मूल्यों के विकास में भी यह पहल सहायक साबित हुई है। राजेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान में कार्यक्रम का क्रियान्वयन पीएम श्री विद्यालयों में किया जा रहा है। अब समग्र शिक्षा इस मॉडल को प्रदेश के लगभग 14 हजार विद्यालयों तक विस्तार देने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसके लाभ से जुड़ सकें। स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि FUTURES कार्यक्रम के माध्यम से दक्षता आधारित शिक्षा, शिक्षकों के क्षमता निर्माण तथा रटने की बजाय अनुप्रयोग आधारित सीखने को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चयनित विद्यालयों में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यूनेस्को द्वारा विकसित नवाचारों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का विस्तार भविष्य में अधिक विद्यालयों तक किया जाएगा। *वैश्विक सोच को जमीनी स्तर पर उतारने की पहल : जॉयस पोआन* यूनेस्को की दक्षिण एशिया शिक्षा प्रमुख जॉयस पोआन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ यूनेस्को की साझेदारी शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि FUTURES कार्यक्रम वैश्विक सोच को जमीनी स्तर पर वास्तविक कार्यों में बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में इस पहल ने यह सिद्ध किया है कि जब सरकार, शिक्षा विभाग और अन्य स्टैकहोल्डर मिलकर कार्य करते हैं तो शिक्षा व्यवस्था में सार्थक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को इस साझेदारी को आगे भी मजबूती से जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान यूनेस्को द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता की विजेता छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। बैठक के बाद यूनेस्को की टीम ने शिमला स्थित पोर्टमोर विद्यालय का भी दौरा किया, जहां वह इस कार्यक्रम के जमीनी क्रियान्वयन को देखेगी।


