ख़ास ख़बर: जेल के कैदी भी बने विद्यार्थी, साक्षरता परीक्षा में शामिल हुए 24 बंदी
शत-प्रतिशत साक्षरता की ओर हिमाचल, 1620 केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा

हिमाचल प्रदेश में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षर बचे हुए व्यक्तियों को साक्षर करने के लिए 15 मार्च को परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें पूरे प्रदेश में प्राइमरी स्कूल स्तर पर लगभग 1620 परीक्षा केन्द्रो का चयन किया गया, जिसमे 18000 के आसपास असाक्षर लोगो ने परीक्षा मे भाग लिया नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी वीरेंद्र चौहान ने यह जानकारी दी
निदेशक स्कूल शिक्षा हिमाचल प्रदेश श्री आशीष कोहली जी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार पूर्ण साक्षर होने का दर्जा पहले ही प्राप्त कर चुका है और हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर वर्तमान में 99.3% है लेकिन शत प्रतिशत साक्षरता के लिए अभी भी हिमाचल में 0. 7 प्रतिशत लोगों को साक्षर करना बाकी है इस कड़ी में पूरे प्रदेश में शेष बचे हुए असाक्षर लोगों को स्वयं सेवी शिक्षकों के द्वारा पढ़ाया जा रहा है जो की एक सराहनीय कार्य है इसमें प्रदेश के जेबीटी शिक्षकों का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान है
15 मार्च की FLNAT मूल्यांकन परीक्षा मे लगभग 18000 के आसपास असाक्षर व्यक्ति परीक्षा देकर साक्षर बनने जा रहे है जो अपने आप में एक बड़ी बात है
इस बार की परीक्षा मे सबसे प्रमुख बात यह रही कि नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कंडा जेल शिमला में 24 कैदियों की पढ़ाई जेल के अंदर ही कराई गई और 15 मार्च को इन 24 कैदियों ने परीक्षा दी है जो की एक बहुत ही ऐतिहासिक कार्य है इस तरह से इन कैदियों को साक्षर बनाकर एक बहुत बड़ा काम किया है भविष्य में यह लोग अपने जीवन यापन के लिए तैयार हो जाएंगे और समाज मे अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने मे इन्हे सहायता मिलेगी


