
हिमाचल प्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर ग्राउंड रियलिटी सामने आने लगी है। प्रदेश के कुछ परीक्षा केंद्रों में सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई है, जबकि कई केंद्र ऐसे भी हैं जहां केवल औपचारिक रूप से CCTV कैमरे लगाए गए हैं और उनमें वॉइस रिकॉर्डिंग या हाई डेफिनेशन (HD) सुविधा उपलब्ध नहीं है।
जिला कांगड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जवाली में कथित नकल करवाने के मामले की चर्चा के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि सभी परीक्षा केंद्रों में एक जैसी निगरानी व्यवस्था नहीं है, जिससे पारदर्शिता को लेकर शंकाएं पैदा हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार कुछ परीक्षा केंद्रों में परीक्षा कक्ष के अंदर कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनकी रिकॉर्डिंग स्पष्ट नहीं होती, वहीं कई केंद्रों में बरामदों और बाहर के क्षेत्रों में कोई निगरानी नहीं है। ऐसे में बाहरी हस्तक्षेप या अनुचित सहायता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि पूरे प्रदेश में एक समान नियम लागू नहीं किए गए तो नकल रोकने के दावे कमजोर पड़ सकते हैं। अभिभावकों ने भी मांग की है कि बोर्ड परीक्षाओं में एक जैसी सख्ती सभी केंद्रों पर लागू होनी चाहिए।
इस विषय में रा.व मा.पा. नेरी नगर, जिला शिमला के प्रधानाचार्य नरेश महाजन ने भी कहा कि यदि Himachal Pradesh Board of School Education वास्तव में नकल पर पूरी तरह रोक लगाना चाहता है तो सभी परीक्षा केंद्रों में वॉइस रिकॉर्डिंग सहित हाई डेफिनेशन CCTV कैमरे लगाए जाने अनिवार्य किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा कक्षों के साथ-साथ केंद्र के बाहर चारों ओर बरामदों में भी कैमरे होने चाहिए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, तभी नकल पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है।



