बड़ी ख़बर: एनएचएम कर्मचारियों की सैलरी अटकी, 5600 परिवारों पर आर्थिक संकट

शिमला। हिमाचल प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों की सैलरी में देरी से उनका आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के करीब 2600 कॉन्ट्रैक्टुअल और 3000 आउटसोर्स कर्मचारी पिछले माह की सैलरी न मिलने से परेशान हैं। दिसंबर 2025 की सैलरी, जो जनवरी 2026 में मिलनी थी, अभी तक जारी नहीं हुई है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ की हड्डी की तरह दिन-रात मेहनत कर रहे हैं—टीकाकरण कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, आपातकालीन हेल्थ रेस्पॉन्स और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
स्कूल फीस, लोन EMI और पेनल्टी का बोझ बढ़ा
सैलरी न मिलने के कारण बच्चों की स्कूल/कॉलेज फीस, बैंक की ईएमआई, बिजली-पानी व अन्य सरकारी बिलों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। कई कर्मचारियों पर देरी की वजह से बैंक व विभाग पेनल्टी भी लगा रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।
कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का बयान
प्रदेश एनएचएम कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा:
“हम सभी कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन न मिलना हमारे परिवारों पर भारी पड़ रहा है। सरकार से विनम्र आग्रह है कि माननीय मुख्यमंत्री जी व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर तुरंत सैलरी जारी करवाने के निर्देश दें। हमारी रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की फीस और लोन की किस्तें प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए समय पर वेतन अत्यंत जरूरी है।”



