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Rule-7A हटाने से भड़के कर्मचारी, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ राज्य कार्यकारिणी ने जताया विरोध

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हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना से प्रदेश के कर्मचारियों में गहरी नाराज़गी है। वित्त (वेतन पुनरीक्षण) विभाग ने 6 सितम्बर 2025 को नोटिफिकेशन जारी कर हिमाचल प्रदेश सिविल सर्विसेज (संशोधित वेतन) नियम, 2022 में जोड़े गए Rule-7A को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। यह फैसला 3 जनवरी 2022 से प्रभावी माना जाएगा।

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Rule-7A के तहत क्लर्क, JOA (आईटी), स्टाफ नर्स सहित कुल 89 श्रेणियों के कर्मचारियों को दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने पर उच्च स्टेज पर वेतन फिक्सेशन का लाभ दिया जाता था। अब इस प्रावधान को हटा दिया गया है। हालाँकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि Rule-7A के तहत पहले से हुआ अतिरिक्त भुगतान वापस नहीं लिया जाएगा।

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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ राज्य प्रधान नरोत्तम वर्मा, महासचिव संजीव ठाकुर, वित्त सचिव सतीश पुंडीर, वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश नरयाल व पंकज कुमार ने संयुक्त ब्यान में कहा कि “Rule-7A को हटाना कर्मचारियों की मेहनत और उनके भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। जब केंद्र और अन्य राज्यों में कर्मचारियों को समान वेतन लाभ मिल रहे हैं, हिमाचल में यह प्रावधान खत्म करना पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। यह कदम कर्मचारियों की वित्तीय प्रगति को रोकने वाला है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि संघ इस निर्णय के विरोध करता है इसके बाद भी यदि सरकार ने अधिसूचना वापिस नहीं ली तो आगामी परिणाम के लिए सरकार तैयार रहे।

Deepika Sharma

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