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असर विशेष: वाह रे शिक्षा विभाग! 2018 के मापदंडों को ही इस वर्ष शिक्षक पुरस्कार के लिए वेबसाइट पर डाल दिया

मांगने से मिली भीख अच्छी लगती है पुरस्कार नहीं :- विद्यालय प्रवक्ता संघ सिरमौर*

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हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने शिक्षक दिवस पर प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि माननीय शिक्षा मंत्री के निर्देश के बावजूद भी शिक्षा विभाग द्वारा 2018 में घोषित मापदंडों को ही इस वर्ष शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षा विभाग के वेबसाइट पर डाला गया है । प्रवक्ता संघ जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, महासचिव डॉक्टर आईडी राही , संरक्षक डॉक्टर दीर्घायु कोमोथी, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ,पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश नेगी, पूर्व

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महासचिव संजय शर्मा, राज्य सलाहकार सतीश शर्मा , संध्या चौहान, रमा शर्मा, भावना साथी, आदि कार्यकारिणी सदस्यों ने कहा कि शिक्षक पुरस्कार की प्रणाली तथा नियमों में व्यापक संशोधन की आवश्यकता है । प्रवक्ता संघ जिला अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक पुरस्कार हेतु शिक्षकों से आवेदन करवाना सम्मानजनक नहीं है मांग कर भीख अथवा दान मिल सकता है मांग कर पुरस्कार प्राप्त करना पुरुस्कार की गरिमा को खो देता है।अतः इस व्यवस्था को अविलंब बदलना चाहिए तथा इसके स्थान पर विभाग द्वारा विभिन्न स्तर पर चयन समितियों का गठन किया जाना चाहिए जो गोपनीय ढंग से संबंधित शिक्षकों की शैक्षणिक उपलब्धियों , विद्यार्थियों तथा अभिभावकों के सुझाव,स्थानीय निकायों, विद्यालय प्रबंधन समिति, स्थानीय ग्राम पंचायत , पंचायत समिति सदस्यों, तहसील अथवा मंडल स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रिंट एवम् इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से एकत्र की गई जानकारी के आधार पर शिक्षक पुरुस्कार की अनुशंसा करे। प्रवक्ता संघ ने मापदंडों पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि अंग्रेजी जैसे एक अनिवार्य विषय , गणित तथा प्राकृतिक विज्ञान के कठिन विषयों के परीक्षा परिणाम की तुलना कला, संगीत,चित्रकारी जैसे शौकीन एवम् ऐच्छिक विषयों से करना भी उचित नहीं, इसके साथ ही संबंधित शिक्षक के विषय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्कता है। अपने विषय के अतिरिक्त लम्बे समय तक रिक्त पड़े विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षको , बहुत से पदों के रिक्त होने के कारण शैक्षणिक कार्य के साथ साथ गैरशैक्षणिक एवम् प्रशासनिक कार्य करने वाले शिक्षको आदि को अतिरिक्त तब्ज्जो दिया जाना अनिवार्य है।प्रवक्ता संघ ने शिक्षक पुरुस्कार हेतु सरकारी विद्यालय में अपने बच्चो को पढ़ाने की शर्त को तर्कहीन बताते हुए कहा कि जब तक सभी विद्यालयों में मुख्यत ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के साथ -साथ शिक्षको के सभी पद नहीं भरे जाते तब तक ऐसी शर्त व्यवहारिक नही लगती प्रवक्ता संघ ने प्रश्न किया कि जो कर्मठ एवम् समर्पित शिक्षक वेवाहिक नही है अथवा दुर्भाग्य से जिन शिक्षकों को संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ क्या शिक्षा जगत में उनके योगदान को नगण्य करना उचित होगा। अतः प्रवक्ता संघ सुझाव देता है कि पुरस्कार हेतु सर्वाधिक महत्व शैक्षणिक उपलब्धियों को, तत्पश्चात गैर शैक्षणिक उपलब्धियों, शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्रबंधन समिति तथा अपने उच्च अधिकारियों के साथ के संबंधों को दिया जाना चाहिए क्योंकि बेहतर शैक्षणिक माहोल तैयार करने में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार की योगदान होता है। साथ ही इस विष्य में ऑनलाइन माध्यम से भी विभिन्न स्टेकहोल्डर की अनुशंसा एकत्र की जा सकती है। प्रवक्ता संघ ने कहा कि शिक्षक पुरुस्कार सम्पूर्ण सेवाकाल में केवल और केवल एक बार मिलता है अत इस पुरुस्कार हेतु कुछ वर्षो का नहीं बल्कि संबंधित शिक्षक के सम्पूर्ण सेवाकाल में विभिन्न प्रिस्थितियों में विभिन्न शिक्षा संस्थानों में की गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट को आधार बनाया जाना चाहिए तथा पुरुस्कार की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि राज्य के विद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले प्रत्येक विषय के कम से कम एक शिक्षक को प्रतिवर्ष इस पुरुस्कार के लिए चुना जा सके। इसके अतिरिक्त विभिन्न भौगोलिक , सामाजिक तथा आर्थिक चुनौतियों के वावजूद विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं के सृजन तथा बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने हेतु संबंधित शिक्षक के योगदान भी आंकलन में शामिल होना चाहिए।
विद्यालय प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तथा माननीय शिक्षा मंत्री महोदय से निवेदन किया है कि शिक्षक पुरस्कारों की व्यवस्था में इसी वर्ष से व्यापक संशोधन किया जाए ताकि जुगाड़बाजी की सभी संभावनों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा के। साथ ही प्रवक्ता संघ राज्य पुरस्कार हेतु 1 वर्ष तथा राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु 2 वर्ष की अतिरिक्त सेवाकाल को नियमित वेतन के साथ बढ़ाए जाने की वकालत करता है ताकि शिक्षक पुरुस्कार की गरिमा बनी रहे तथा सम्मानित ,प्रेरित , समर्पित एवम सम्मानित शिक्षकों की सेवाओं का लाभ संबंधित विद्यालय, विद्यार्थियों तथा शिक्षा विभाग को अधिक समय के लिए मिल सके।

Deepika Sharma

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