असर विशेष: स्मार्ट सिटी में ई टायलेट अभी भी शो पीस
महिलाओं को युरनरी फ्री नहीं, ई टायलेट से हो रही दिक्कत

स्मार्ट सिटी बनते जा रहे शिमला में आखिर शौच फ्री क्यों नहीं है? ये सवाल शिमला के लोगों ने उठाया है। लोगों का कहना है कि जब पहले शौचालय में महिलाओ को यूरिनरी फ्री था तो अब महिलाओं को क्यों नहीं है। लोगों का कहना है कि भले ही शिमला में ई- टायलेट शुरू किए गए हैं लेकिन साथ में पुराने टायलेट को बंद कर दिया गया है।
सोमवार को ऐसी ही परेशानी एक महिला को झेलनी पड़ी जिसमें साठ वर्षीय आशा को ई टायलेट चलाना नहीं आता था जब वह महिला साथ में स्थापित पुराने शौचालय में गई तो उधर शौचालय बंद था। ऐसे में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा राजधानी के लोगों में मनोज, राहुल का कहना है कि ई टायलेट में जाने के लिए प्रशासन से जनता को जागरुक भी नहीं किया है। कई बार लोग टायलेट में फंस गए हैं।
कई बार टायलेट के लिए छुट्टे पैसे भी नहीं होते हैं। जिससे शौच करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कई बार छुट्टे पैसे नहीं होने के कारण आज जनता को दिक्कत न पेश आए इसलिए पुराने शौचालयों को ऐसे स्थानों पर बंद नहीं करना चाहिए जहां पर लोगों की आवाजाही बहुत ज्यादा रहती है। इसमें बस अड्डे मुख्य है। लोगों की शिकायत है कि ई-टायलेट को शिमला के जगह जगह खोलने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन पुराने शौचालय जो लोगों की भीड़ वाले स्थान पर बने हैं उसे बंद नहीं करना चाहिए। हालांकि स्थानीय लोगों ने ई टाएलेट को शुरू करना एक अच्छी पहल बताया है लेकिन ऐसे में साथ बने पुराने शौचालयों को बंद करके ई-टायलेट के दरवाजे ही खुले रखना उचित नही है।
ये कहता है प्रशासन
● राजधानी को स्मार्ट सिटी बनना है तो लोगों को भी स्मार्ट होना पड़ेगा। ई टायलट में जाने वाले पैसे राजधानी के लोगों के विकासात्मक कार्यों के लिए ही खर्च किए जा रहे हैं। ई टायलेट की जागरूकता के लिए प्रशासन आगामी कदम उठाएगा। लोगों की शिकायतो पर गौर किया जा रहा है


