विशेष

EXCLUSIVE: लव अट्रैक्शन के चक्कर में नेपाल से शिमला भाग रहे बच्चे

शिमला में फिर आया एक मामला सामने

WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (1)
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.21
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (2)

 

 

लव अट्रैक्शन के चक्कर में नेपाल से कई बच्चे शिमला भाग रहे हैं।   नेपाल से भागे हुए  ये बच्चे शिमला में पकड़े भी जा रहे है। जानकारी के मुताबिक एक ऐसा ही मामला शिमला में पकड़ा गया है और उस पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई है। चाईल्डलाईन से मिली जानकारी के मुताबिक 

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM
No Slide Found In Slider.

आज दिनांक 16/4/2023 को चाईल्डलाईन टीम को 1098 के माध्यम से दिल्ली से मेजेस्टी नेपाल एनजीओ से संतोष जी का फोन आया और उन्होंने बताया कि नेपाल एंबिसी से उन्हें एक लड़की की सूचना मिली है जो लड़की नेपाल से एक लड़के के साथ भाग कर शिमला हिमाचल प्रदेश आ गई है। उन्होंने बताया कि लड़की ने शिमला से एक फोन नंबर से फोन किया था जिससे ये पता चल पाया की लड़की शिमला हिमाचल प्रदेश में है। टीम द्वारा AHTU शिमला की सहायता से नंबर को ट्रैकिंग पर लगाया और पता चला की लोकेशन घोड़ा चौकी शिमला की है। उक्त व्यक्ति से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लड़का और लड़की यहां से चले गए है। उन्होंने एक नंबर दिया और AHTU द्वारा उसे भी ट्रैकिंग पर लगाया गया और लोकेशन कोटखाई गुम्मा की आई उसके बाद टीम बच्ची को लेने कोटखाई थाना गई और वहां पुलिस परसन को साथ लेकर उस लोकेशन पर पहुंची वहां पर जाकर पता चला की वहां पर दो और बच्चे थे जो सभी साथ में नेपाल से भाग कर आए थे। टीम द्वारा बच्चों को रेस्क्यू किया गया और कोटखाई थाना जाकर सभी बच्चों की डीडी एंट्री करवाई गई और बच्चों को शिमला लाया गया और रात को लड़कियों को बालिका आश्रम टूटीकंडी में छोड़ा गया और लडको को ओपन शेल्टर बयूलिया में छोड़ा गया। अगले दिन बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और दिल्ली में नेपाल एंबेसी में संतोष जी को भी सूचना दी है और बच्चों के माता पिता को शिमला बुलाया गया और जिला बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों को आश्रय के तौर पर आश्रम में रखा गया। आज दिनांक 24/4/2023 को बच्चों के माता पिता शिमला पहुंच गए थे और जिला बाल कल्याण समिति और चाइल्डलाइन टीम द्वारा बच्चों को उनके माता पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close