
शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में CBSE बोर्ड लागू करने के फैसले का शिक्षक संगठनों ने स्वागत तो किया है, लेकिन इसके साथ ही कई अहम शर्तें भी रख दी हैं।
हिमाचल गवर्नमेंट टीचर यूनियन (HGTU) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर साफ कहा है कि अनुभवी शिक्षकों की कार्यकुशलता जांचने के लिए किसी भी तरह की परीक्षा स्वीकार नहीं होगी।
शिक्षक संघ की प्रमुख मांगें
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योग्य व अनुभवी शिक्षकों के लिए टेस्ट/एग्जाम नहीं
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CBSE स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को कम से कम एक साल का समय
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स्कूलों के रिज़ल्ट के आधार पर ही शिक्षकों व प्राचार्यों का मूल्यांकन
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शिक्षकों के रिक्त पद 100% भरे जाएं
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लड़कों और लड़कियों के स्कूलों का विलय न किया जाए
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प्रिंसिपल/टीचर की पदोन्नति पर कोई असर न पड़े
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CBSE व HP बोर्ड की फीस न बढ़े
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शिक्षा विभाग में निजीकरण पूरी तरह नामंजूर
शिक्षक संघ का कहना
संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान कहा है कि ये सुझाव अपनाए गए तो सरकार और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और CBSE व्यवस्था सफलता से लागू हो सकेगी।



