36 जीवनरक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी माफ
बजट 2026-27 में दवा उद्योग को बड़ी राहत, मरीजों को मिलेंगी सस्ती जीवनरक्षक दवाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को दवा उद्योग और रोगियों के हित में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया गया है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट न केवल भारत को वैश्विक फार्मेसी हब बनाएगा, बल्कि आम मरीज तक सस्ती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करेगा।
AIOCD के अनुसार, 36 जीवनरक्षक दवाओं पर मूल सीमा शुल्क (BCD) से पूर्ण छूट का निर्णय बेहद सराहनीय है, जिससे इन दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आएगी और इलाज आम लोगों की पहुंच में होगा।
रोगी सहायता को और मजबूत करते हुए सरकार ने 37 नई दवाओं और 13 रोगी सहायता कार्यक्रमों को शामिल करने की घोषणा की है, जो सरकार की मरीज-केंद्रित नीति को दर्शाता है।
बजट में फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए तीन नए बल्क ड्रग पार्क, Biopharma SHAKTI योजना, और 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ के विशेष निवेश की घोषणा की गई है। इससे देश में दवा उत्पादन, रोजगार और निर्यात को नई गति मिलेगी।
फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में 3 नए NIPERs और 7 मौजूदा संस्थानों के विस्तार की योजना से भारत नवाचार और रिसर्च के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा। साथ ही, 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल संस्थानों के लिए राष्ट्रीय नेटवर्क की घोषणा से अनुसंधान को नया आयाम मिलेगा।
AIOCD ने इसे आत्मनिर्भर भारत और नवाचार-आधारित फार्मा अर्थव्यवस्था की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि यह बजट स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ करोड़ों मरीजों के लिए आशा और विश्वास का संचार करेगा।




