विधि विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने इस तरह किया कानून के प्रति जागरूक

आज, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के विधि विभाग ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), शिमला के सहयोग से पिंक पेटल, HPU, शिमला में नुक्कड़ नाटक एवं कानूनी जागरूकता सहायता डेस्क का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल श्रम, बच्चों के शिक्षा के अधिकार तथा बालिकाओं की शिक्षा के महत्व जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक एवं कानूनी मुद्दों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। एक प्रभावशाली एवं मनोरंजक प्रस्तुति के माध्यम से विधि विभाग के बच्चों ने शिक्षा के अधिकार, बाल श्रम के दुष्प्रभावों तथा प्रत्येक बच्चे—चाहे वह लड़का हो या लड़की—को शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर भविष्य का निर्माण करने के लिए समान अवसर प्रदान किए जाने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई।
यह कार्यक्रम सहायक आचार्य डॉ. साशा चौहान एवं डॉ. वंदना ठाकुर के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधि विभाग की छात्रा दीप्ति सूद, चाहत सूद और तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । कार्यक्रम के दौरान डॉ साशा चौहान ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया जिन्होंने एचपीयू के विधि विभाग के बच्चों को इस सार्थक कानूनी जागरूकता पहल में भाग लेने का बहुमूल्य अवसर प्रदान किया।
कानूनी जागरूकता सहायता डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आम जनता के साथ संवाद करने तथा उन्हें उनके मूलभूत कानूनी अधिकारों, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं समय पर कानूनी सहायता प्राप्त करने के महत्व के बारे में जागरूक करने का अवसर भी मिला। डॉ साशा ने कहा कि नुक्कड़ नाटक एवं कानूनी जागरूकता सहायता डेस्क का सफल आयोजन संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, पैरा लीगल वॉलंटियर्स एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा। यह कार्यक्रम न केवल एक समृद्ध व्यावहारिक शिक्षण अनुभव रहा, बल्कि कानूनी साक्षरता, समानता, बाल अधिकारों एवं सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक कदम भी साबित हुआ। उन्होंने कहा कि विधि विभाग इस अवसर के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभारी हैं और एक अधिक कानूनी रूप से जागरूक, शिक्षित एवं सामाजिक रूप से जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपना योगदान देने पर गर्व महसूस करते हैं।



