पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने किया समग्र शिक्षा के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा को सम्मानित

*पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने किया समग्र शिक्षा के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा को सम्मानित*
*शिमला।*
पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों और समग्र शिक्षा के स्टेट कोऑर्डिनेटरों ने सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशालय में स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर समग्र शिक्षा राजेश शर्मा को सम्मानित किया। प्रधानाचार्यों ने समग्र शिक्षा के तहत पिछले तीन वर्षों से अधिक समय में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों और पहलों के लिए उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार के मार्गदर्शन और राजेश शर्मा के नेतृत्व में उठाए गए कई महत्वपूर्ण कदमों से हिमाचल की स्कूली शिक्षा में सकारात्मक बदलाव आया है।
इस अवसर पर पीएम श्री स्कूल कुपवी के प्रधानाचार्य दिनेश स्टेटा, टूटू की प्रधानाचार्य डॉ. रशिमा राणा, कंडाघाट के प्रधानाचार्य रतन वर्मा, ठियोग के प्रधानाचार्य रामस्वरूप, चौपाल के प्रधानाचार्य हरि शर्मा, पोर्टमोर्टर के सीएचटी लोकेंद्र नेगी, पीएम श्री की जिला कोऑर्डिनेटर रेखा सहित समग्र शिक्षा के कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।
*शिक्षक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से नई पहल*
प्रधानाचार्यों ने कहा कि हिमाचल में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पहली बार सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एक्सपोजर टूर पर भेजा गया। साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए Principals Academy, Singapore के साथ साझेदारी की गई।
समग्र शिक्षा के तहत University of Cambridge के सहयोग से प्रदेश के 33,301 स्कूली शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके माध्यम से आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई शैक्षणिक अवधारणाओं को कक्षाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। वहीं, UNESCO के साथ HP FUTURES कार्यक्रम के लिए साझेदारी की गई, जिसके तहत स्कूलों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए कंपीटेंसी बेस्ड एजुकेशन ( competency-based education) खेलों के जरिए वेल्यू एजुकेशन ( value education ) और ग्रीनिंग एजुकेशन ( greening education) पर काम किया जा रहा है। स्कूल नेतृत्व को और सशक्त बनाने के लिए आईआईएम ( IIM Sirmaur) में स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों के प्रशिक्षण की पहल भी शुरू की गई है।
प्रधानाचार्यों ने कहा कि प्रदेश में पीएम श्री स्कूलों को विकसित करने की दिशा में भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। इसके तहत 199 स्कूलों को पीएम श्री स्कूलों के रूप में विकसित किया गया है, जहां आधुनिक अधोसंरचना, स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं ICT लैब और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
*सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर*
प्रधानाचार्यों ने सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को सिंगापुर और कंबोडिया की शैक्षणिक यात्राओं पर भेजने की पहल को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को विदेश में शैक्षणिक एक्सपोजर देने की यह देश में एक अनूठी पहल रही है। केंद्र से समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाले फंड को हासिल करने और उसके प्रभावी उपयोग के प्रयासों की भी प्रधानाचार्यों ने सराहना की। उन्होंने कहा कि राजेश शर्मा ने व्यक्तिगत स्तर पर पहल करते हुए हिमाचल के लिए शिक्षा क्षेत्र में अधिक संसाधन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपलब्ध फंड का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग कर प्रदेश में विभिन्न शिक्षा सुधारों को गति दी गई।
इन प्रयासों के परिणाम शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न राष्ट्रीय आकलनों में भी दिखाई दिए हैं। PARAKH सर्वे में हिमाचल 21वें स्थान से टॉप-5 राज्यों में पहुंचा है, जबकि पीजीआई ( Performance Grading Index) में प्रदेश ने 21वें से छठे स्थान तक की लंबी छलांग लगाई है। ASER रिपोर्ट 2024 में भी हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
इस अवसर पर स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के अधिकारियों, कोऑर्डिनेटरों, स्कूल प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों और सभी के सहयोग से समग्र शिक्षा के तहत शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए सुधारात्मक प्रयास सामूहिक भागीदारी का परिणाम हैं। इन प्रयासों से हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और गति मिली है।




