आरएंडपी नियमों में अतार्किक बदलावों से विद्युत बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों में भारी रोष
10 अगस्त तक समाधान न मिला तो 11 अगस्त से शुरू होगा राज्यव्यापी सांकेतिक विरोध

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा 26 अगस्त 2023 को भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में किए गए अव्यावहारिक संशोधनों के कारण तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में उत्पन्न गंभीर विलंब को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष एवं गहरा असंतोष व्याप्त है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर एवं महासचिव चमन लाल शर्मा ने संयुक्त वक्तव्य जारी कर बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताया है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत बोर्ड द्वारा 26 अगस्त 2023 को आरएंडपी नियमों में किए गए बदलावों के कारण नॉन-आईटीआई वर्ग के तकनीकी कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। बोर्ड की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मचारियों ने 30 से 35 वर्षों का लंबा सेवाकाल पूरा किया है। हिमाचल प्रदेश के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण में इन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन कर्मचारियों ने लगभग 8 से 10 वर्ष दैनिक वेतनभोगी, 12 से 17 वर्ष टीमेट एवं हेल्पर तथा 6 से 8 वर्ष एएलएम के रूप में सेवाएं प्रदान की हैं।
संघ ने कहा कि इतने लंबे सेवाकाल और विद्युत व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद आरएंडपी नियमों की विसंगतियों के चलते इन कर्मचारियों को उनके हक की पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है। इससे कर्मचारियों में भारी निराशा और आक्रोश है।
संघ ने बोर्ड प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 10 अगस्त 2026 तक आईटीआई एवं नॉन-आईटीआई तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित समस्याओं का न्यायसंगत समाधान नहीं किया गया, तो 11 अगस्त 2026 से प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर काले बिल्ले लगाकर बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे।
संघ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के लगभग 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तकनीकी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निभाते रहेंगे। विरोध प्रदर्शन केवल कार्यस्थल पर काले बिल्ले लगाकर सांकेतिक रूप से दर्ज कराया जाएगा, ताकि विद्युत आपूर्ति एवं उपभोक्ता सेवाएं प्रभावित न हों।
इसके साथ ही तकनीकी कर्मचारी संघ ने हिमाचल प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि विद्युत बोर्ड प्रबंधन को आरएंडपी नियमों की विसंगतियां दूर कर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
संघ की प्रमुख मांगों में आदेश संख्या 14 का लाभ 12 अप्रैल 2022 से पहले नियुक्त हुए उन सभी कर्मचारियों को देने के आदेश जारी करना भी शामिल है, जो 12 अप्रैल 2022 के बाद पदोन्नत हुए हैं। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों के टीए बिल पॉलिसी में न्यूनतम दूरी की पात्रता को पूर्व की भांति 8 किलोमीटर बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि 10 अगस्त तक सकारात्मक एवं न्यायसंगत समाधान नहीं निकाला गया, तो 11 अगस्त से प्रदेश भर में तकनीकी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर सांकेतिक विरोध करेंगे उसके बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विद्युत बोर्ड प्रबंधन की होगी।




