शिमला विश्वविद्यालय में ‘आरंभ’ ओरिएंटेशन के दूसरे दिन विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

शिमला, 28 जुलाई: शिमला विश्वविद्यालय (एपीजी) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘आरंभ’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न शैक्षणिक एवं परिचयात्मक सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसमें हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान ने विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन तथा अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिनाइयों से निराश न होने का आग्रह करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, ईमानदारी, समर्पण और कड़ी मेहनत सफलता के लिए आवश्यक हैं।
प्रो. चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा और आधारभूत सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश के सरकारी संस्थानों, निजी संगठनों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं।
कुलसचिव प्रो. आर. एल. शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की पंचलाइन ‘व्हेयर नेचर नर्चर्स यंग माइंड्स’ का अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रकृति से सीखते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों तथा विश्वविद्यालय के नियमों, विनियमों और अनुशासनात्मक व्यवस्था की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर प्रो-चांसलर डॉ. अमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, डीन फैकल्टी प्रो. अश्वनी शर्मा, डीन एकेडमिक्स प्रो. आनंद मोहन शर्मा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. नीलम शर्मा, डीन मैनेजमेंट डॉ. नीति नाग, विधि विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भावना वर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्यार सिंह, वरिष्ठ मीडिया मैनेजर डॉ. विजय श्री, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य मौजूद रहे।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित दो सत्रों में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर, शैक्षणिक विभागों, छात्र क्लबों, संस्थागत सुविधाओं और प्लेसमेंट सेल की जानकारी दी गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को सुरक्षित, सहयोगी और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया।



