राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में पूर्व छात्रा शालू धीमान के लोकगीत “ठंडा पानी मेरे क्यारों रा” का हुआ विमोचन

राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा शालू धीमान द्वारा हिमाचली लोक संस्कृति को समर्पित लोक फ्यूजन गीत “ठंडा पानी मेरे क्यारों रा” का विमोचन किया गया।
इस अवसर प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना, महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण, छात्राएं एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शालू धीमान ने वर्ष 2021 में महाविद्यालय से स्नातक शिक्षा पूर्ण की। ये अपने अध्ययन के दौरान संगीत विभाग में गोपाल भारद्वाज और सुनीता भारद्वाज की शिष्या रही हैं । इन्होंने महाविद्यालय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा और कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ये वर्तमान में हिमाचली लोक संस्कृति एवं संगीत को नई पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एम.ए. (संगीत) की उपाधि प्राप्त की तथा चन्ना म्यूजिक अकादमी से संगीत का विधिवत प्रशिक्षण लिया।
शालू धीमान आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से अनुमोदित कलाकार हैं। उन्होंने रफी नाइट विनर, आवाज हिमाचल विनर, वॉइस ऑफ माउंटेन, वॉइस ऑफ शिमला तथा वॉइस ऑफ हिमाचल जैसी प्रतिष्ठित संगीत प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर विभिन्न सम्मान प्राप्त किये हैं। विमोचित गीत “ठंडा पानी मेरे क्यारों रा” हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। इस गीत के माध्यम से मंडी लुड़ी, कांगड़ी लोकगीत एवं अन्य पारंपरिक लोक विधाओं को आधुनिक संगीत शैली के साथ प्रस्तुत किया गया है, ताकि हिमाचली संस्कृति नई पीढ़ी और देश-विदेश के श्रोताओं तक पहुंच सके। इस अवसर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनुरिता सक्सेना ने छात्रा को बधाई दी । उन्होंने कहा कि राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति एवं विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। महाविद्यालय की पूर्व छात्रा द्वारा हिमाचली संस्कृति को संगीत के माध्यम से व्यापक मंच प्रदान करना समस्त महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय है। प्राचार्या ने शालू धीमान एवं पूरी टीम को इस सफल सांस्कृतिक प्रयास के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । इन्होंने कहा कि शालू का ये सराहनीय कार्य राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं के लिए प्रेरणास्पद है। महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों और छात्राओं ने भी शालू को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।



