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स्कूल छात्रों ने सीखी पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया, शूलिनी समर स्कूल बना नवाचार का मंच

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स्कूल छात्रों ने सीखी पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया, शूलिनी समर स्कूल बना नवाचार का मंच

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सोलन, 9 जुलाई

 

शूलिनी विश्वविद्यालय में समर स्कूल 2026 सफलतापूर्वक सम्मपन । इसमें 17 राज्यों के 100 स्कूली छात्रों ने हिस्सा लिया और रिसर्च, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नई टेक्नोलॉजी का शानदार अनुभव प्राप्त किया। दो बैच में आयोजित इस प्रोग्राम ने छात्रों को यूनिवर्सिटी-लेवल की रिसर्च से परिचित कराया और उन्हें क्लासरूम की पारंपरिक पढ़ाई से हटकर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस पहल की शुरुआत शूलिनी यूनिवर्सिटी के फाउंडर और वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला और ट्रस्टी व वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला ने की थी। इसका मकसद स्कूली छात्रों को उनकी पढ़ाई के शुरुआती दौर में ही साइंटिफिक रिसर्च, इनोवेशन और प्रॉब्लम-सॉल्विंग से परिचित कराना था।

समर स्कूल में समर पेटेंट स्कूल, बायोटेक्नोलॉजी और जेनरेटिव AI जैसे खास प्रोग्राम शामिल थे। प्रोग्राम के दौरान, छात्रों ने एडवांस्ड लैबोरेटरी में काम किया, फैकल्टी मेंटर्स और रिसर्चर्स के साथ बातचीत की, और क्रिटिकल थिंकिंग व क्रिएटिविटी को बढ़ाने वाली प्रैक्टिकल एक्टिविटीज़ के ज़रिए व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।

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इस प्रोग्राम की एक खास बात छात्रों को इनोवेशन की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराना था – जिसमें असल दुनिया की चुनौतियों की पहचान करने और समाधान विकसित करने से लेकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) और पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया को समझना शामिल था। प्रोग्राम ने अपना शानदार 100 प्रतिशत पेटेंट फाइलिंग रेट बनाए रखा, जिसमें हर योग्य छात्र का इनोवेशन पेटेंट फाइलिंग की दिशा में आगे बढ़ा।

17 राज्यों के छात्रों की भागीदारी ने यूनिवर्सिटी की बढ़ती राष्ट्रीय पहुंच को दर्शाया और सीखने का एक जीवंत माहौल बनाया, जहां युवा छात्रों ने विचारों का आदान-प्रदान किया, प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम किया और असल दुनिया की चुनौतियों के लिए इनोवेटिव समाधान तलाशे।

 

इस पहल के बारे में बात करते हुए, शूलिनी समर स्कूल्स के प्रोग्राम हेड विनम्र कौशल ने कहा कि समर स्कूल का मकसद जिज्ञासा, आत्मविश्वास और इनोवेशन की भावना जगाना था। उन्होंने कहा कि देश भर के छात्रों को युवा रिसर्चर्स की तरह मिलकर काम करते देखना खुशी की बात है, जिससे इनोवेशन और पेटेंट बनाने के मामले में प्रोग्राम का रिकॉर्ड और बेहतर हुआ है।

इस प्रोग्राम को प्रोग्राम मेंटर और हेड आउटरीच शिखा सूद ने गाइड किया। उनके नेतृत्व और ‘आइडियाज़ दैट मैटर’ टीम, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) टीम, फैकल्टी मेंटर्स, रिसर्चर्स और ऑपरेशन्स टीम की समर्पित कोशिशों ने हर प्रतिभागी के लिए सीखने का एक सार्थक और समृद्ध अनुभव सुनिश्चित किया।

Deepika Sharma

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