स्वास्थ्य
चमयाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को मिला 6.60 करोड़ का बजट, स्वास्थ्य मंत्री ने दी मंजूरी
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति गवर्निंग बॉडी चमयाना की प्रथम बैठक आयोजित

वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित प्राप्तियों और व्यय अनुमान के लिए बजट अनुमोदित
हिमाचल प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में आज अटल सुपर स्पेशलिस्ट हस्पताल चमयाना में रोगी कल्याण समिति गवर्निंग बॉडी की प्रथम बैठक आयोजित की गई, जिसमें गवर्निंग बॉडी के 11 सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न मद्दों के तहत अनुमानित प्राप्तियों और व्यय अनुमान के लिए क्रमशः 4,63,75,009 रुपए तथा 6,60,26,000 रुपए का बजट अनुमोदित किया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए 274 रुपए की राशि, वर्ष 2024-25 के लिए 21,80,488 रुपए तथा वर्ष 2025-26 की 2,43,66,346 रुपए की राशि का भी अनुमोदन प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न मद्दों के तहत अनुमानित प्राप्तियों और व्यय अनुमान के लिए क्रमशः 4,63,75,009 रुपए तथा 6,60,26,000 रुपए का बजट अनुमोदित किया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए 274 रुपए की राशि, वर्ष 2024-25 के लिए 21,80,488 रुपए तथा वर्ष 2025-26 की 2,43,66,346 रुपए की राशि का भी अनुमोदन प्रस्ताव पारित किया गया।
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विभिन्न डिपार्टमेंट की 9 ओपीडी संचालित
इस अवसर पर कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि रोगी कल्याण समिति का गठन जून 2023 में हुआ था और इसका संचालन अक्टूबर 2025 में आरंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में वर्तमान में विभिन्न डिपार्टमेंट की 9 ओपीडी संचालित हैं जिनके माध्यम से गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 17285 ओपीडी दर्ज की गई जबकि इस वर्ष अब तक 14000 के करीब मरीजों का चेकअप किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 4860 मरीजों को दाखिल किया गया था और इस वर्ष मार्च तक 781 मरीजों को दाखिल कर उनका इलाज किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 6895 तथा इस वर्ष मार्च तक 2004 सर्जियां दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त 2245 रोबोटिक सर्जरी भी की गई हैं जिसके लिए सभी डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ बधाई के पात्र हैं।
इस अवसर पर कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि रोगी कल्याण समिति का गठन जून 2023 में हुआ था और इसका संचालन अक्टूबर 2025 में आरंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में वर्तमान में विभिन्न डिपार्टमेंट की 9 ओपीडी संचालित हैं जिनके माध्यम से गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 17285 ओपीडी दर्ज की गई जबकि इस वर्ष अब तक 14000 के करीब मरीजों का चेकअप किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 4860 मरीजों को दाखिल किया गया था और इस वर्ष मार्च तक 781 मरीजों को दाखिल कर उनका इलाज किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 6895 तथा इस वर्ष मार्च तक 2004 सर्जियां दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त 2245 रोबोटिक सर्जरी भी की गई हैं जिसके लिए सभी डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ बधाई के पात्र हैं।
भट्टाकुफर से अस्पताल तक सड़क को चौड़ा करने का कार्य जारी
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधारीकरण की दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा रहे हैं तथा एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, पेट स्कैन, एक्सरे तथा सभी प्रकार के टेस्ट की जांच लगातार 24 घंटे की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को एम्स ओर पीजीआई स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं इसी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में मिल रही हैं जिससे लोगों का खर्च व समय दोनों बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में वाहन पार्किंग की समस्या थी जिसे धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है और एक बड़े स्तर की पार्किंग बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों को आवाजाही की सुविधा देने के लिए भट्टाकुफर से अस्पताल तक सड़क को चौड़ा करने का कार्य जारी है। शीघ्र ही सड़क को चौड़ा व पक्का कर लोगों को आवाजाही की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिस पर नियमित रूप से हिमाचल पथ परिवहन की बसें भी चलाई जाएगी।
बैठक में 10 से अधिक विभिन्न मद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य एम सुधा, निदेशक मेडिकल शिक्षा एवं रिसर्च हिमाचल प्रदेश, प्रिंसिपल एआईएमएसएस शिमला, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, असिस्टेंट कंट्रोलर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ यशपाल रांटा, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति, अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड, अध्यक्ष फैकल्टी संगठन एआईएमएसएस शिमला तथा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधारीकरण की दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा रहे हैं तथा एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, पेट स्कैन, एक्सरे तथा सभी प्रकार के टेस्ट की जांच लगातार 24 घंटे की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को एम्स ओर पीजीआई स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं इसी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में मिल रही हैं जिससे लोगों का खर्च व समय दोनों बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में वाहन पार्किंग की समस्या थी जिसे धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है और एक बड़े स्तर की पार्किंग बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों को आवाजाही की सुविधा देने के लिए भट्टाकुफर से अस्पताल तक सड़क को चौड़ा करने का कार्य जारी है। शीघ्र ही सड़क को चौड़ा व पक्का कर लोगों को आवाजाही की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिस पर नियमित रूप से हिमाचल पथ परिवहन की बसें भी चलाई जाएगी।
बैठक में 10 से अधिक विभिन्न मद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य एम सुधा, निदेशक मेडिकल शिक्षा एवं रिसर्च हिमाचल प्रदेश, प्रिंसिपल एआईएमएसएस शिमला, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, असिस्टेंट कंट्रोलर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ यशपाल रांटा, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति, अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड, अध्यक्ष फैकल्टी संगठन एआईएमएसएस शिमला तथा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।



