चौंकाने वाला खुलासा: स्कूलों के पास धड़ल्ले से चल रही तंबाकू की दुकानें
स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी बोलीं— COTPA-2003 को और मजबूत करेगी सरकार, हुक्का बारों पर भी होगी सख्ती

शिमला। तंबाकू मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार अब और सख्त रुख अपनाने जा रही है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस अभियान-2026 के तहत शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय प्रसार कार्यशाला में स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी ने कहा कि बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA)-2003 को और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में हुक्का बारों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे।
कार्यशाला के दौरान राज्य में तंबाकू विक्रेताओं की सघनता और तंबाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन पर आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट भी जारी की गई। रिपोर्ट ने कई चिंताजनक खुलासे किए हैं। इसके अनुसार 10 प्रतिशत से अधिक तंबाकू विक्रेता शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में संचालित हो रहे हैं, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा अधिकांश दुकानों पर नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद न बेचने संबंधी अनिवार्य चेतावनी बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं किए गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर तंबाकू उत्पाद खुलेआम प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों और किशोरों के लिए इनकी पहुंच बेहद आसान हो गई है। विशेषज्ञों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बताया।
कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, दंत स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. सतीश चौधरी, वाइटल स्ट्रेटेजीज नई दिल्ली के निदेशक डॉ. राणा जे. सिंह, अतिरिक्त आयुक्त आबकारी एवं कराधान रविंद्र कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उप मिशन निदेशक डॉ. राजेश गुलेरी तथा पंचायती राज विभाग के उपनिदेशक विजय ब्रागटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में
55 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने संयुक्त प्रवर्तन अभियान, नियमित निरीक्षण, शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी और व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों को और मजबूत करने पर बल दिया। इस दौरान यह भी कहा गया कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा, जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर संभव कदम उठाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



