दुःखद: …और कितनी शहादतों का इंतज़ार?”— 150 कर्मचारियों की मौत पर विद्युत बोर्ड प्रबंधन घिरा
ड्यूटी पर करंट लगने से लाइनमैन मोहन लाल की मौत, बिजली बोर्ड प्रबंधन पर भड़का तकनीकी कर्मचारी संघ
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने पालमपुर मंडल के बृन्दावणी सेक्शन में कार्यरत लाइनमैन श्री मोहन लाल की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से हुई असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है और स्पष्ट किया है कि संगठन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ा है।
प्रदेशाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह ठाकुर एवं प्रदेश महासचिव श्री चमन लाल शर्मा ने एक संयुक्त बयान में बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बीते 8 वर्षों में 150 से अधिक कर्मचारियों की जान जाना सामान्य बात नहीं, बल्कि प्रबंधन की संवेदनहीनता का प्रमाण है।तकनीकी कर्मचारी संघ ने बार बार प्रबंधन वर्ग से मांग की कि इन हो रही दुर्घटनाओं के कारणों की जांच कर इन दुर्घटनाओं को कैसे रोका जाए इस पर चिंतन करना चाहिए बोर्ड प्रबंधन वर्ग ने इस बात को माना भी परन्तु धरातल पर कोई सुखद परिणाम नहीं आए ।
वर्तमान में बोर्ड अपनी कुल अधिकृत क्षमता के मात्र 40% तकनीकी कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। 60% स्टाफ की कमी के कारण फील्ड कर्मचारियों पर काम का मानसिक और शारीरिक बोझ असहनीय स्तर तक बढ़ गया है, जो सीधे तौर पर इन मानवीय भूलों और दुर्घटनाओं को जन्म दे रहा है।
सरकार द्वारा लगभग 1000 तकनीकी पदों की भर्ती को मंजूरी मिलने के बावजूद, बोर्ड प्रशासन द्वारा प्रक्रिया शुरू न करना एक प्रशासनिक विफलता है। संघ ने पूछा है कि आखिर बोर्ड और कितनी ‘शहादतों’ का इंतज़ार कर रहा है?
तकनीकी कर्मचारी संघ ने चेतावनी देते हुए सरकार और बोर्ड प्रबंधन से मांग की है कि
इस हादसे की उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेवार व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि दिवंगत आत्मा व उनके परिवार को न्याय मिल सके ।
लंबित 1000 पदों की भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।



