शिक्षा

मुफ्त मिलेंगी या खरीदनी होंगी किताबें? अभिभावकों में बढ़ी चिंता

सीबीएसई स्कूलों में किताबों को लेकर असमंजस, सी एंड वी अध्यापक संघ ने उठाए सवाल

WhatsApp Image 2026-09-18 at 12.00.19 PM

हिमाचल प्रदेश राजकीय सी० एण्ड वी ० अध्यापक संघ के राज्य प्रधान शेर सिंह ठाकुर, राज्य महिला मोर्चा प्रधान कान्ता ठाकुर, राज्य महासचिव होशियार सिंह, वित्त महासचिव दिलीप आदि ने शिक्षा विभाग से विशेषतया कक्षा छट्टी, सातवीं, नवमी की कक्षाओं हेतु राज्य भर में चुने गए व सरकारी तौर पर मान्यता प्राप्त नये सी० बी० एस० सी० विद्यालयों में पाठ्यक्रम सहित विषय बार पाठ्यचर्या सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी त्वरित प्रभाव से सभी विद्यालयों को भेजने की मांग उठाई है। क्योंकि प्रदेश भर के सभी विद्यालयों में लगभग दो महीने से ऊपर की पढ़ाई हो चुकी है और अभी तक सी० बी० एस० सी० विद्यालयों में इन कक्षाओं के उचित पठन-पाठन हेतु कोई भी निश्चित लिखित सामग्री शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि हिमाचल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने समय पर अपने हिमाचल शिक्षा बोर्ड की पुस्तकें भिजवा भी दी हैं और बच्चे उन्हें पढ़ भी रहे हैं,जबकि सी० बी० एस० सी० विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए असमंजस की स्थिति अभी तक बनी हुई है।
1.अब प्रश्न ये उठता है कि इन सी० बी० एस० सी० विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को क्या हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ही किताबें पढ़नी हैं या सी० बी० एस० सी० बोर्ड की? 2. अगर सी० बी० एस० सी० बोर्ड की पुस्तकें पढ़नी हैं तो वे अभी तक इन विद्यालयों के बच्चों को क्यों नहीं दी गईं ?
3. क्या सी० बी० एस० सी० विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी हिमाचल शिक्षा बोर्ड की तर्ज़ पर फ्री / मुफ़्त पुस्तकें दी जाएंगी या बच्चों/ अभिभावकों को अपने खर्चे पर खरीदनी पड़ेंगी?
अतः ऐसा कुछ भी स्पष्ट न होने की स्थिति में संगठन के सभी पदाधिकारियों सुरेन्द्र कुमार जिला प्रधान हमीरपुर, रवि कांत जिला प्रधान बिलासपुर, विनोद चौहान जिला प्रधान शिमला, जीत रघुवंशी जिला प्रधान सोलन , संजय कुमार जिला प्रधान चम्बा , संदीप नेगी जिला प्रधान किन्नौर, यशपाल जिला प्रधान सिरमौर, ओम प्रकाश जिला प्रधान कुल्लू आदि ने शिक्षा विभाग से इस सन्दर्भ में शीघ्रातिशीघ्र स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है ताकि बच्चों की पढ़ाई पर कोई विपरीत असर न पड़े। क्योंकि अभी दो महीने से ऊपर की पढ़ाई हो चुकी है और सी० बी० एस० सी० विद्यालयों में अभी तक बच्चों के पठन-पाठन हेतु कोई भी सी० बी० एस० सी० द्वारा निर्देशित पाठ्य सामग्री उपलब्ध नहीं है और न ही इसके संदर्भ में अभिभावकों को अपने स्तर अर्थात अपने खर्चे पर पुस्तकों का प्रबंध करने के स्पष्ट आदेश हैं।

ashb advt_page-0001
Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close