श्री राम मंदिर शिमला में रामनवमी का पर्व बड़े भक्ति भाव से बनाया गया

भगवान महादेव पार्वती से कहते हैं कि ज्ञानी मुनि योगी और सिद्ध निरंतर निर्मल चित से जिनका ध्यान करते हैं वेद पुराण शास्त्र नेती नेती कहकर जिसकी कीर्ति गाते हैं उन्हें सर्वव्यापक समस्त ब्रह्मांडों के स्वामी मायापति ब्रह्मलोक भगवान श्री राम ने अपने भक्तों के लिए अपनी इच्छा से रघुकुल के मणि रूप में अवतार लिया ऐसी मर्यादा पुरुषोत्तम राम का प्रकट उत्सव हम रामनवमी के रूप में मना रहे हैं l
श्री राम मंदिर शिमला में रामनवमी का पर्व बड़े भक्ति भाव से बनाया गया श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई रामनवमी रामनवमी पर्व पर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब रामनवमी पर मंदिरों में गूंजे जय श्री राम की जय कारे रामनवमी पर दिखी भक्ति की अद्भुत तस्वीर हर और राम नाम की धुन ही सुनाई दी मंदिर को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया हैlश्री राम,लक्ष्मण जानकी की प्रतिमायें यहसन्देश दे रही थी कि विषय वासना में भटके इंसान तू राम नाम का स्मरण क्यों नहीं करता l
38 वर्षों बाद बहुत ही दुर्लभ संयोग बना है 26 मार्च 1988 को राम मंदिर शिमला में प्राण प्रतिष्ठा हुई थी 26 मार्च 2026 को रामनवमी एक ही तिथि पर पड़ रही है यह सहयोग केवल एक तिथि नहीं बल्कि आस्था परंपरा और विनम्रता का पुन;संगम है l
रामनवमी के उपलक्ष में 19 मार्च से ही श्री राम मंदिर शिमला में कार्यक्रम आरंभ हो चुके हैंजिसमें प्रभात फेरी शोभा यात्रा विभिन्न भजनमंडलियो द्वारा श्री राम का गुणगान किया जा रहाहै भजन कीर्तन का समागम हो रहा है l रामनवमी पर भंडारे का आयोजन भी किया गया l
शिमला राम शरणाम आश्रम में भी रामायणी की यज्ञ की पूर्णआहुति पर हजारों श्रद्धालुओं ने रामायण का गुणगान किया l रामायण और राम नाम की धून ने ऐसा भक्तिमय में माहौल बना दिया था कि राम नाम ही “सर्वोपरी” हैl जब मन राम की लगन में डूब जाए वही सच्ची रामनवमी होती हैl उनके आदर्शों का पालन करना ही सच्चे जीवन की वास्तविकता हैl
जसवीर सूद (डिम्पल )


