ऐलान: कोई शिक्षक टेस्ट के लिए आवेदन न करे’ — संघ का आह्वान

आज हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ द्वारा शिमला में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान महासचिव तिलक नायक जिला शिमला के प्रधान ताराचंद शर्मा और वेब सेक्रेटरी तिलक नायक उपस्थित रहे प्रेस वार्ता मे संघ द्वारा सीबीएसई स्कूलों में नई व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के रोष को व्यक्त किया गया और हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई बोर्ड को इन शर्तों के साथ लागू करने का सुझाव भी दिया गया संघ ने लिखित तौर पर माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री,मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव,निदेशक शिक्षा को लिखित में सुझाव दिए हैं और मांग की है कि यदि शिक्षकों की योग्यता को जाँचने के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट जैसी कोई व्यवस्था की तो उसका पूरे प्रदेश में विरोध किया जाएगा और साथ ही यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षक पूरे ट्रेनिंग और कमीशन पास करकेआये हैं
प्रदेश के शिक्षक किसी भी तरह के स्क्रीनिंग टेस्ट देने के लिए तैयार नहीं है और ना ही इसकी आवश्यकता है चौहान ने कहा कि यदि शिक्षकों के ऊपर स्क्रीन टेस्ट का दबाव बनाया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खड़खटाया जाएगा साथ ही शिक्षकों से यह भी आह्वान किया गया कि कोई भी शिक्षक इस टेस्ट को अप्लाई ना करें यदि शिक्षक अप्लाई ही नहीं करेंगे तो अपने आप ही सारी समस्या खत्म हो जायगी
चौहान ने कहा कि हमने सरकार को आठ सुझाव दिए हैं जिसमेंप्रमुख्ता पहले सुझाव यह है कि योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की कार्य कुशलता परखने हेतु किसी प्रकार की परीक्षा या टेस्ट ना लिया जाए दूसरा वर्तमान में सीबीएसई विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा के आधार पर कम से कम 1 वर्ष का अवसर दिया जाए राजकीय विद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य और शिक्षकों को कार्य कुशलता का आकलन बोर्ड परिणाम के आधार पर किया जाए तथा रिक्त पदों को शत प्रतिशत भरा जाए
इंटर बोर्ड स्थानांतरण प्रकिया के अनुरूप विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का स्थानांतरण यथावत जारी रखा जाए बालक एवं बालिका विद्यालय का विलय ना किया जाए बल्कि दोनों को सहशिक्षा व्यस्था के अनुरूप किया जाए उसमें से एक को एचपी बोर्ड और दूसरे को सीबीएसई बोर्ड के अंतर्गत लाया जाए प्राचार्य,शिक्षकों की पदोन्नति प्रभावित न हो तथा सीबीएसई मानकों के अनुसार उप-प्राचार्य का पद सृजित किया जाए
सीबीएसई एवं हिमाचल प्रदेश बोर्ड की फीस संरचना में किसी तरह की वृद्धि ना की जाए शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार के निजीकरण को ना किया जाए और संघ इसको किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगा
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने वार्ता के दौरान कहा कि यह आठ सुझाव हमने हर स्तर पर सरकार को दिए हैं और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री,शिक्षा सचिव उनकी इस जायज मांगों को मानेंगे और शिक्षकों को किसी भी तरह के टेस्ट के लिए बाध्य नहीं करेंगे क्योंकि यह शिक्षकों के आत्म सम्मान,कुशलता और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली बात है उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार किसी भी तरह के शिक्षक विरोधी निर्णय लेने से पहले शिक्षक संगठनों से बात करेगी और उन्हें विश्वास में लेकर ही आगे बढ़ेगी यदि ऐसा नहीं होता है तो मजबूरन विरोध का रास्ता तैयार करना पड़ेगा और जरूरत पड़ी तो न्यायालय में भी जाएंगे और शिक्षकों के मान -सम्मान की लड़ाई को लड़ा जाएगा उन्होंने सभी शिक्षकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि संघ उनके साथ खड़ा है
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