शाबाश: स्कूली बच्चों में सीखने की कमी होगी दूर
*स्कूली बच्चों में सीखने की कमी दूर करने के लिए चलाया गया शिक्षा संकल्प कार्यक्रम*

*समग्र शिक्षा ने लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम (LEP) के तहत 1.20 लाख बच्चों का कराया एंडलाइन असेसमेंट*
*शिमला*
समग्र शिक्षा ने शिक्षा विभाग के सहयोग से लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम (एलईपी) 2025–26 के अंतर्गत संचालित शिक्षा संकल्प कार्यक्रम का एंडलाइन असेसमेंट सम्पन्न कराया है। 18 और 19 फरवरी को आयोजित इस मूल्यांकन में प्रदेश के 12 जिलों के सैंपल आधारित चयनित 1,275 विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 1.20 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह मूल्यांकन पूरे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
समग्र शिक्षा द्वारा शिक्षा संकल्प कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों की सीखने की कमी को दूर करने और उन्हें कक्षा स्तर की अपेक्षित दक्षताओं तक पहुँचाने के उद्देश्य से की गई थी। कार्यक्रम का पहला चरण मई 2025 में आयोजित राज्यव्यापी डायग्नोस्टिक असेसमेंट से आरंभ हुआ। इस प्रारंभिक मूल्यांकन में प्रदेश के चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का आकलन किया गया और विषयवार सीखने की कमियों की पहचान की गई। इसी आधार पर ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित किया गया, जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता थी।
चिन्हित संकल्प विद्यार्थियों के लिए तैयार की गईं व्यक्तिगत कार्यपुस्तिकाएं
डायग्नोस्टिक असेसमेंट के आधार पर चिन्हित संकल्प विद्यार्थियों के लिए समग्र शिक्षा की ओर से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी विषयों में विशेष रूप से तैयार की गई व्यक्तिगत कार्यपुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गईं। इन कार्यपुस्तिकाओं को इस प्रकार तैयार किया गया कि विद्यार्थी अपनी सीखने की आवश्यकता के अनुसार अभ्यास कर सकें और मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत बना सकें। इससे पढ़ाई अधिक केंद्रित, व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनी। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु शिक्षक हैंडबुक भी तैयार की गई। इसमें दैनिक शिक्षण प्रक्रिया, कक्षा में अपनाई जाने वाली रणनीतियां तथा विद्यार्थियों की प्रगति की निगरानी से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। इस पहल के तहत सभी विद्यालयों में प्रतिदिन 45 मिनट का विशेष ‘संकल्प पीरियड’ निर्धारित किया गया। इस अवधि में विद्यार्थियों को लक्षित शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया, जिससे उन्हें विषयों की बुनियादी समझ विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायता मिली। नियमित अभ्यास और सतत मार्गदर्शन से विद्यार्थियों की सीखने की गति में सकारात्मक सुधार देखा गया। शिक्षा संकल्प कार्यक्रम इस विश्वास के साथ लागू किया गया कि सुनियोजित प्रयास, नियमित मूल्यांकन और लक्षित शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में ठोस सुधार संभव है। इसी को ध्यान में रखकर समग्र शिक्षा गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूत कर रहा है।
*एंडलाइन असेसमेंट से कार्यक्रम के प्रभाव का होगा आकलन*
इस कार्यक्रम के अंतिम चरण के रूप में 18 और 19 फरवरी को 1,275 चयनित विद्यालयों में एंडलाइन असेसमेंट आयोजित किया गया है। इस मूल्यांकन के माध्यम से यह देखा जाएगा कि शिक्षा संकल्प कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में कितना सुधार किया है। इसके परिणाम भविष्य की शैक्षणिक योजना को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा है कि शिक्षा संकल्प कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश के 1,275 विद्यालयों में लगभग 1.20 लाख विद्यार्थियों का एंडलाइन असेसमेंट कराया गया है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामों के आधार पर कार्यक्रम के प्रभाव का विश्लेषण किया जाएगा और उसी के अनुरूप भविष्य की शैक्षणिक रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


