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असर विशेष : सिर्फ छात्र ही नहीं, शिक्षकों पर भी मोबाइल नियम लागू, जानिये क्या रहेंगे नियम

हिमाचल के स्कूलों में मोबाइल पर ताला! 1 जनवरी 2026 से पूरी तरह बैन

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में मोबाइल फोन और अन्य व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (PEDs) के उपयोग पर सख्त कदम उठाते हुए पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह आदेश 1 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होगा। शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये प्रावधान हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा संहिता की धारा 2.32 (b) के तहत लागू किए गए हैं।

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शिक्षा सचिव राकेश कंवर (IAS) द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, फिटबिट, हेडफोन, नॉन-लर्निंग टैबलेट/आईपैड, म्यूजिक प्लेयर, हैंड-हेल्ड गेमिंग डिवाइस (जैसे निन्टेंडो स्विच) सहित किसी भी ऐसे उपकरण को नहीं ला सकेंगे, जो फोटो, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग या सूचना के आदान-प्रदान में सक्षम हो।

छात्रों के लिए सख्त प्रावधान

  • स्कूल परिसर में मोबाइल रखने पर भी कार्रवाई होगी, भले ही छात्र उसका उपयोग न कर रहा हो।

  • बार-बार उल्लंघन की स्थिति में निष्कासन (Expulsion) तक की कार्रवाई की जा सकती है।

  • स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की सहमति से आर्थिक दंड का प्रावधान भी लागू किया जा सकता है।

  • केवल गंभीर स्वास्थ्य या सुरक्षा कारणों से, अभिभावक के लिखित अनुरोध पर प्रधानाचार्य विशेष अनुमति दे सकेंगे। ऐसी स्थिति में भी छात्र को फोन निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा और केवल अवकाश के दौरान ही उपयोग की अनुमति होगी।

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शिक्षकों पर भी लागू होंगे नियम

सरकार ने शिक्षकों के लिए भी मोबाइल उपयोग पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं—

  • कक्षा शिक्षण, प्रयोगशाला कार्य और परीक्षाओं के दौरान मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

  • केवल शैक्षणिक कार्य, उपस्थिति, डिजिटल कंटेंट या आपात स्थिति में प्रधानाचार्य की अनुमति से उपयोग किया जा सकेगा।

  • स्कूल समय में मोबाइल साइलेंट मोड पर रखना अनिवार्य होगा।

  • सोशल मीडिया, गेमिंग या गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपयोग वर्जित रहेगा।

  • नियमों के उल्लंघन पर सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

विद्यालय प्रमुख को इन प्रावधानों के पालन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी उल्लंघन पर संबंधित छात्र, शिक्षक और आवश्यक होने पर संस्थान प्रमुख के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

क्यों लिया गया फैसला?

अधिसूचना में कहा गया है कि मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग छात्रों की एकाग्रता, उत्पादकता और कक्षा अनुशासन को प्रभावित कर रहा है। साइबर बुलिंग, डेटा सुरक्षा जोखिम और ऑनलाइन दुरुपयोग जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। कई देशों में शैक्षणिक संस्थानों में मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध या सख्ती पहले से लागू है।

राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

Deepika Sharma

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