भविष्य का उद्यमी तैयार करने का मिशन: हिमाचल के 659 स्कूलों में ई.एम.सी. शिक्षकों को सशक्त प्रशिक्षण”

हिमाचल प्रदेश में एन्त्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट क्लासेज़ (ई.एम.सी.) के अंतर्गत राज्य-स्तरीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशालाएँ प्रशिक्षण अवधि: 10–27 नवम्बर 2025 समग्र शिक्षा,
शिक्षा विभाग की एन्त्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट क्लासेज़ (ई.एम.सी.) परियोजना के अंतर्गत 10 से 27 नवम्बर 2025 तक हिमाचल प्रदेश में राज्य-स्तरीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य परियोजना निदेशक श्री राजेश शर्मा तथा राज्य परियोजना समन्वयक श्रीमती सोनिया शर्मा के मार्गदर्शन और सहयोग से आयोजित किया गया, जिसने सरकारी विद्यालयों में ई.एम.सी. के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों की तैयारी को और अधिक सुदृढ़ किया। इस पहल के तहत प्रदेश के 659 सरकारी विद्यालयों को शामिल किया गया, जिनमें 1100 से अधिक शिक्षकों ने विभिन्न जिलों से भाग लिया। ये क्षमता निर्माण कार्यशालाएँ कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, शिमला और सोलन जिलों में आयोजित की गईं। प्रशिक्षणों का आयोजन विभिन्न जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों, ब्लॉक संसाधन केन्द्रों तथा चयनित PM SHRI विद्यालयों और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में किया गया। इन कार्यशालाओं का संचालन ई.एम.सी. परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी वैलूर फैबटैक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आवश्यक शिक्षण उपकरणों, गतिविधि-आधारित अधिगम विधियों और डिजिटल संसाधनों से सक्षम बनाना था, ताकि वे कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को ई.एम.सी. पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें। सभी जिलों में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों, ब्लॉक अधिकारियों, ई.एम.सी. समन्वयकों और विद्यालय प्रमुखों ने शिक्षकों की सहभागिता और सुचारू आयोजन सुनिश्चित किया। इन प्रशिक्षण सत्रों में शिक्षकों को यूनैस्को के “शिक्षा के चार स्तंभों” पर आधारित ई.एम.सी. पाठ्यक्रम से अवगत कराया गया। इन सत्रों में व्यवहारिक गतिविधियाँ, रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने वाले अभ्यास, समुदाय-आधारित समस्याओं की पहचान, व्यवसायिक विचारों का विकास और उद्यमशीलता की विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा शामिल थी। कार्यक्रम का एक प्रमुख भाग डिजिटल अधिगम प्रबन्धन प्रणाली के उपयोग पर केंद्रित था, जिसमें अंतरक्रियात्मक सत्र, विद्यार्थी मूल्यांकन उपकरण, वास्तविक समय निगरानी, प्रश्नोत्तरी और प्रकरण अध्ययनों जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। शिक्षकों ने समूह गतिविधियों, पुनः-अधिगम प्रस्तुतियों, सह-अध्ययन अभ्यासों और व्यवसायिक विचार प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्थानीय हिमाचली उद्यमियों के प्रकरण अध्ययनों ने शिक्षकों को क्षेत्रीय संदर्भ में उद्यमशील सोच को समझने में सहायता प्रदान की। कार्यशालाओं में यह भी रेखांकित किया गया कि शिक्षक रचनात्मकता, नवाचार, नेतृत्व, टीमवर्क और दृढ़ता जैसी क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमाचल प्रदेश में ई.एम.सी. कार्यक्रम को पहले ही फील्ड स्तर पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हो चुकी है। शिक्षकों द्वारा साझा किए गए सुझाव—जैसे क्रियान्वयन सहायता, समय-सारिणी में समायोजन और पुनःप्रशिक्षण की आवश्यकता—राज्य की उद्यमशील शिक्षा को और मजबूत बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। इन राज्यव्यापी क्षमता निर्माण कार्यशालाओं के सफल समापन के साथ, हिमाचल प्रदेश के सभी प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने-अपने विद्यालयों में एन्त्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट क्लासेज़ प्रारम्भ करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। यह पहल राज्य के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार, नवाचार-आधारित कौशलों से सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे आत्मविश्वासी समस्या-समाधानकर्ता और संभावित


