स्वास्थ्य

ख़ास खबर: टीबी मुक्त हिमाचल का लक्ष्य

सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी ने पंचायत स्तर पर जनभागीदारी पर

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राज्य स्तरीय टीबी मुक्त पंचायत पुनर्संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन

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शिमला, 28 अक्टूबर 2025

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टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज शिमला के होटल हॉलिडे होम में राज्य स्तरीय टीबी मुक्त पंचायत पुनर्संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन सचिव (स्वास्थ्य) हिमाचल प्रदेश सरकार सुश्री एम. सुधा देवी (IAS) की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री प्रदीप कुमार ठाकुर (IAS), अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज विभाग श्रीमती नीलम दौलटा, उप निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. राजेश गुलेरी तथा वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर संस्था के इम्पैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक श्री चंद्रशेखर जोशी उपस्थित रहे। राज्य के सभी 12 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी तथा जिला क्षय रोग अधिकारियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश गुलेरी ने हिमाचल प्रदेश में संचालित टीबी उन्मूलन गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी और राज्य द्वारा टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। कार्यशाला के दौरान टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया, जिनमें जिला उना को वर्ष 2023 और 2024 में सर्वाधिक टीबी मुक्त पंचायतों का दर्जा प्राप्त करने पर, जिला काँगड़ा को लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने एवं “सिल्वर अवार्डेड पंचायतों” की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर तथा जिला शिमला को “सिल्वर अवार्डेड पंचायतों” की श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी उना को वल्नरेबल आबादी में सर्वाधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग करने, मंडी को राज्य में सर्वश्रेष्ठ टीबी स्कोर प्राप्त करने, सोलन को टीबी मृत्यु दर में सर्वाधिक कमी लाने तथा काँगड़ा को राज्य में सर्वश्रेष्ठ ACSM गतिविधियों के संचालन हेतु सम्मान प्रदान किया गया। सचिव (स्वास्थ्य) सुश्री एम. सुधा देवी ने इस अवसर पर सभी जिलों से टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि टीबी मुक्त हिमाचल प्रदेश का लक्ष्य तभी संभव है जब पंचायत स्तर पर जनजागरूकता, स्क्रीनिंग और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

Deepika Sharma

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