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हिमाचल में 74वें वण्यप्राणी सप्ताह का आगाज, वण्य जीवों के संरक्षण का संकल्प

-पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अमिताभ गौतम ने किया विधिवत शुभारंभ

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-स्टेटस ऑफ स्नो लेपर्ड इन हिमाचल-2025 का विमोचन, हिमाचल में 83 बर्फानी तेंदुए

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-विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सात दिवसीय कार्यक्रमों पर हुई विस्तार से चर्चा
-ह्यूमन-एनिमल को-एक्जिस्टेंस विषय पर आधारित है वण्यप्राणि सप्ताह

शिमला। हिमाचल प्रदेश में 74वें वण्यप्राणी सप्ताह का आगाज हुआ। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अमिताभ गौतम ने वीरवार को इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। ह्यूमन-एनिमल को-एक्जिस्टेंस यानी मानव-जंतु सह अस्तित्व विषय पर आधारित वण्यप्राणि सप्ताह का शुभारंभ करते हुए उन्होंने विडिया कांफ्रेंस के माध्यम से 2 से 8 अक्तूबर यानी सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के बारे प्रदेश के सभी वण्यप्राणी मंडलों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश में वण्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लिया। अमिताभ गौतम ने कहा कि आज के समय में बहुत सी वन्य प्रजातियां लुप्त होती जा रही हैं जिन्हें बचाने के लिए वन विभाग एवं वण्यप्राणी विंग महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वण्य जीवों के संरक्षण के लिए विभाग के साथ-साथ आम जनमानस को आगे आने की जरूरत है। अमिताभ गौतम ने कहा कि वण्यप्राणी प्रभाग हिमाचल प्रदेश ने नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन बैंगलूरू के साथ मिलकर स्टेटस ऑफ स्नो लेपर्ड इन हिमाचल पर अध्ययन किया। इस अध्ययन के माध्यम से हिमाचल के 26 हजार 112 वर्ग किलोमीटर फैले क्षेत्र पर बर्फानी तेंदुए की संख्या के बारे रिपोर्ट प्रकाशित की गई। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल में लगभग 83 बर्फानी तेंदुए मौजूद हैं। जो कि वर्ष 2021 में प्रकाशित रिपोर्ट से अधिक हैं। इस अध्ययन में हिमाचल में पहली बार दो नई वण्य प्रजातियों का पता चला है, जो कि वूल्ली फ्लाइंग सुकेर्ल (woolly flying squirrel) और पल्लास कैट (Pallas cat) है। अमिताभ गौतम ने कहा कि वण्य जीवों के संरक्षण के लिए विभाग के साथ-साथ स्थानीय लोगों को मिलकर कार्य करने का आहवाहन किया। उन्होंने विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े सभी अधिकारियों व स्थानीय लोगों से आग्रह किया कि वण्यप्राणी सप्ताह के माध्यम से आम जनमानस तक वण्य जीवों के संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाए। प्रोग्राम मैनेजर नेचर कन्जर्वेशन फाउंडेशन बैंगलुरू दीपशिखा ने हिमाचल में बर्फानी तेंदुए के संरक्षण और उनकी स्थिति के बारे विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर सीएफ वाइल्डलाइफ प्रिति भंडारी, डीएफओ वाइल्डलाइफ शिमला डा. शाह नवाज भट्ट, डीएफओ हैड र्क्वाटर अनीता भारद्वाज, जाइका वानिकी परियोजना के परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, एसीएफ वाइल्डलाइफ विनोद रंटा समेत जाइका वानिकी परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। गौतलब है कि हर वर्ष गांधी जयंति के उपलक्ष्य पर 2 अक्तूबर को वण्यप्राणी सप्ताह का शुभारंभ होता है, जिसका समापन्न 8 अक्तूबर को किया जाता है।

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स्टेटस ऑफ स्नो लेपर्ड इन हिमाचल-2025 का विमोचन
पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ अमिताभ गौतम ने स्टेटस ऑफ स्नो लेपर्ड इन हिमाचल प्रदेश-2025 पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बर्फानी तेंदुए विलुप्त होते जा रहे हैं, जिन्हें बचाने एवं संरक्षण के लिए वाइल्डलाइफ विंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश का शीत मरूस्थल क्षेत्र स्पीति युनेस्को के मैन एंड बायोस्फेयर रिजर्व (UNESCO’s MAB Network) में शामिल हुआ है, जो हिमाचल के लिए हर्ष का विषय है।

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8 अक्तूबर तक इस तरह होंगे महत्वपूर्ण कार्यक्रम
वण्यप्राणी सप्ताह के दौरान 2 से 8 अक्तूबर तक कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पेंटिंग प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, डिबेट, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, छोटी पैदल यात्रा और बर्ड वॉचिंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ अमिताभ गौतम ने विभाग के अधिकारियों को वण्यप्राणी सप्ताह को प्रदेश के शिक्षण संस्थानों, महिला मंडलों, पंचायतीराज संस्थाओं समेत सभी सरकारी विभागों के साथ मिलकर मनाने के निर्देश दिए।

Deepika Sharma

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