शिक्षा बोर्ड सेमेस्टर प्रणाली में करें बदलाव अन्यथा प्रवक्ता संघ करेगा आन्दोलन

हि.प्र.स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा बोर्ड द्वारा समेस्टर सिस्टम को आननफानन में लागू करने का विरोध किया है आज जारी एक प्रेस बयान में संघ के प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर और महासचिव संजीव ठाकुर ने बताया कि समेस्टर प्रणाली को लागू करने के लिये हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा अपनी वेबसाइट पर छमाही परीक्षाओं के लिय डाला गया पाठ्यक्रम व्यवहारिक नहीं है ! प्रवक्ता संघ आदि ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा बनाय गये कुछ विषयों के पाठ्यक्रम में जहां हटाये गये पाठ्यक्रम को भी डाला गया वही कुच्छ विषयों के पाठ्यक्रम को छोड़ दिया गया तथा कुछ विषयों में दोनो छमाही में एक ही विषयवस्तु को डाला गया हें इस प्रकार से आनन फानन में बनाया गया यह पाठ्यक्रम शिक्षको एवं शिक्षर्थीयों दोनो ही को परेशान करने वाला हें।हि.प्र.स्कूल प्रवक्ता संघ ने बोर्ड से अपील की हें कि इस पाठ्यक्रम को अधिक व्यवहारिक बनाने के लिय इस पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाये।प्रवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समेस्टर सिस्टम को लागू करने का ये उचित समय नहीं बोर्ड इस व्यवस्था के अनुसार नवंबर में पहले टर्म आयोजित कर रहा हे और केवल मात्र एक महीने का समय शेष बच्चा है अगर पहला टर्म नवंबर में आयोजित करना था तो सितंबर में पहले टर्म करवाने की क्या आवश्यकता थी नवंबर में पहला टर्म जनवरी फरवरी में छूट्टियाँ और मार्च में दुसरा टर्म समझ से परे है !
शीतकालीन अवकाश में नवम्बर के बाद मात्र एक माह दिसंबर तथा केवल 15 कार्य दिवस फरवरी के ही शेष रह जायेंगे जिसमें दुसरी छमाही का पाठ्यक्रम पुर्ण करवा पाना जहां शिक्षको के ली एक बहुत बढी चुनोती हें वही विद्यार्थियों के लिय काफी जटिल कार्य हें इसके अतिरिक्त वर्तमान परिस्थितियों में जहां अभी नियमित कक्षाये तक नही लग पा रही हें,न विद्यार्थी व न ही अभिभावक मानसिक रुप से इस अकस्मात हुए परिवर्तन के लिय तैयार ही नही हें इस प्रकार का आननफान का यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में नहीं है !संघ केअध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर और महासचिव संजीव कुमार ने बताया कि ये बहुत है हैरानी का विषय हैं कि बोर्ड द्वारा जब इतना बड़ा निर्णय लिया गया तो इस सम्बन्ध में शिक्षक संगठनों से कोई चर्चा नहीं की गई !संघ ने इस व्यवस्था को अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की माँग की है संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अगले वर्ष से प्रथम टर्म सितंबर में तथा दुसरा टर्म मार्च में होना चाहिए !



