शिक्षा

बोर्ड आनन फानन में ले रहा छमाही परीक्षाओं का फैसला 

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हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा अपनी वेबसाइट पर छमाही परीक्षाओं के लिय डाला गया पाठ्यक्रम कुछ विषयों के शिक्षको को रास नही आया। प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुरेन्द्र पुन्ड़ीर,महासचिव आई डी राही, राज्य उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश नेगी, महासचीव संजय शर्मा सतीश शर्मा आदि ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा बनाय गये कुछ विषयों के पाठ्यक्रम में जहां हटाय गये पाठ्यक्रम को भी डाला गया वही कुच्छ विषयों के पाठ्यक्रम को छोड़ दिया गया तथा कुछ विषयों में दोनो छमाही में एक ही विषयवस्तु को डाला गया हें इस प्रकार से आनन फानन में बनाया गया यह पाठ्यक्रम शिक्षको एवं शिक्षर्थीयों दोनो ही को परेशान करने वाला हें। अत प्रवक्ता संघ ने बोर्ड से अपील की हें कि इस पाठ्यक्रम को अधिक व्यवहारिक बनाने के लिय इस पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाये।

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प्रवक्ता संघ ने जहां छमाही परीक्षा व्यव्स्था का स्वागत्व्कीया हें क्योंकि इस से विद्यार्थियों का अनावश्यक बोझ कम होगा यह रट्टा शिक्षा प्रणाली से व्यवहारिक शिक्षा प्रणाली की ओर एक एतिहासिक पहल हें जिसके अवश्य ही स्कारातमक परिणाम आयेंगे। परंतु

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प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने इस बात पर भी पुनर्विचार का निवेदन किया कि जब तक सभी ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन विद्यालयों में अव्काश का सर्वमान्य एवं समरूप कैलेंडर नही बन पाता तब तक एक साथ सम्पुर्ण राज्य में छमाही परीक्षाए करवाना व्यवहारिक नही क्योंकि शीतकालीन अवकाश में नवम्बर के बाद मात्र एक माह दिसंबर तथा केवल 15 कार्य दिवस फरवरी के ही शेष रह जायेंगे जिसमें दुसरी छमाही का पाठ्यक्रम पुर्ण करवा पाना जहां शिक्षको के ली एक बहुत बढी चुनोती हें वही विद्यार्थियों के लिय काफी जटिल कार्य हें इसके अतिरिक्त वर्तमान परिस्थितियों में जहां अभी नियमित कक्षाये तक नही लग पा रही हें,न विद्यार्थी व न ही अभिभावक मानसिक रुप से इस अकस्मात हुए परिवर्तन के लिय तेयार ही नही हें इस प्रकार का आनन फान का यह निर्णय विद्यार्थियों पर विपरित मानसिक प्रभाव डाल सकता हें।वर्तमान में शिक्षको एवं शिक्षा संस्थानो के पास विद्यार्थियों को मुख्य नियमित शेक्षणीक माहोल से जोड़ पाना ही प्राथमिकता हें

Deepika Sharma

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