कोरोना में शिक्षकों ने निभाई पूरी जिम्मेदारी

आल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर्स आरगेनाइजेशन ने अंतराष्ट्रीय शिक्षक दिवस को मानते हुये आज विश्व भर के सभी शिक्षकों को बधाई दी उल्लेखनीय है कि अंर्तराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पाँच अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में मनाया जाता है।इस दिन कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है।
इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की हुई उस संयुक्त बैठक को याद करने के लिये मनाया जाता है जिसमें अध्यापकों की स्थिति पर चर्चा हुई थी और इसके लिये सुझाव प्रस्तुत किये गये थे। इसे 1994 के बाद से प्रतिवर्ष लगभग सौ से अधिक देशों में मनाया जा रहा है और इस प्रकार वर्ष 2021 में यह 27वाँ विश्व शिक्षक दिवस मनाया गया ! एजुकेशन इंटरनेशनल जो की अंतराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों का बहुत बड़ा संगठन है और आल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर्स आरगेनाइजेशन इसी से सम्बद्ध एक संघठन है ! आल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर्स आरगेनाइजेशन ने एजुकेशन इंटरनैशनल के साथ “गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिये एकजुट हों” के नारे के साथ इस दिवस को मनाया ! इसके साथ ही इस वर्ष का थीम रहा “बढ़ते संकट के बिच भविष्य की कल्पना ” ! इस दिवस पर आल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर्स आरगेनाइजेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष डॉ अश्वनी कुमार , सेक्ट्री जनरल सी.एल.रोज कार्यकारी अध्यक्ष हितेष भाई पटेल , सलाऊद्दीन ,रश्मि सिंह , वित्त सचिव रणजीत सिंह राजपुत्त , राष्ट्रिय प्रेस सचिव प्रेम शर्मा , उपाध्यक्ष सतपाल भूरा, एन जी रेडडी, श्रीपाल रेडडी,सालिगराम प्रजापति ,श्रीमती शिल्पा नायक चेयरपर्सन महिला विग ,उप सचिव सोनल के पटेल , सहसचिव केसर सिंह ठाकुर, रजनीश राणा , अरत भजन साहू ,सचिव डॉ निशा शर्मा ,सोहन मंजिला ने आज जारी एक प्रेस बयान में बताया कि विश्व आज इन दिनों बढ़ी विकिट परिस्थितियों से गुजरा है और शिक्षकों को बढ़ते संकट के बिच भी भविष्य को तराशना है फेडरेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष ने बताया कि इस संकट की घड़ी में देश के शिक्षकों ने बेहतर कार्य किया है वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के संक्रमण से फैली भयंकर महामारी के दौर में शिक्षक फ्रंट लाइन कार्यकर्ता के रूप में सेवा दे रहे डॉक्टर्स, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, सफाईकर्मियों, पुलिसकर्मियों व प्रशासन, मीडियाकर्मियों, नगर निगम कार्मिकों के साथ शिक्षक साथी घर-घर जाकर सर्वे करने, होम आइसोलेशन, क्वारेंटाईन सेंटर, कोरोना सहायता केंद्र, बीएलओ ड्यूटी , चैक पोस्टों पर एवं समाज व जनता को जागरूक करने के लिए प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर अग्रिम भूमिका में अपनी जिम्मेदारी निर्वहन करते हुए जंग में कर्मवीर बनकर खड़े हैं। इसके साथ- साथ ऑनलाइन शिक्षा का ज़िम्मा भी उठाकर छात्रों को प्रोत्साहित कर उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़कर सजगता के साथ संयम और अनुशासन का प्रेरणादाई पाठ पढ़ा रहे हैंऔर अब जब करोना के मामलों में लगातार गिरावट आ रही है ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है! उन्होंने बताया की शिक्षक एक बेहत्तर भविष्य का निर्माण करने के लिये हमेशा कार्य करते रहेंगे और आने वाली सभी चुनौतियों का बेहत्तर ढंग से सामना करेंगे !
डॉ अश्वनी कुमार , राष्ट्रीयअध्यक्ष
ऑल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर्स आरगेनाइजेशन


