शिक्षा

RKMV शिमला में राज्य स्तरीय “वन्य भोज” कार्यशाला का शुभारंभ

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

 राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में विज्ञान संकाय, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ,पर्यटन और यात्रा प्रबंधन विभाग तथा हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के संयुक्त तत्व विधान में आयोजित तीन दिवसीय “वन्य भोज” कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ0 अनुरीता सक्सेना द्वारा की गई।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM

प्राचार्या महोदया ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी वन्य प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से अनविज्ञ हैं, उन्हें इन जंगली खाद्य पदार्थों के उपयोग से होने वाले अतुलनीय स्वास्थ्य परक फायदों से परिचित कराने एवं इन जंगली वन्य पदार्थ की खोज करने हेतु पूरे प्रदेश में इस तरह की यह पहली राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई है और निश्चित रूप से यह सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए बेहद फायदेमंद होने वाली है। इस कार्यशाला में डॉ0 सुरेश सी0 अत्रि (महासचिव हिमकोस्ट) मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने ‘वन्य भोज’ कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से विद्यार्थी जंगली खाद्य पदार्थों के लाभों से अवश्य अवगत होंगे और सतत स्वास्थ्य में उनके उपयोग के प्रति भी जागरूक होंगे।

No Slide Found In Slider.

यूरिया युक्त रसायनों से तैयार खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव को भी जान सकेंगे। प्रो0 कार्तिक एम0 एस0 चौहान (डीन, विज्ञान संकाय) ने बताया कि जंगलों में व हमारे घरों के आसपास उपलब्ध प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के महत्व को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे पोस्टर मेकिंग और नारा लेखन इत्यादि में प्रदेश भर के विभिन्न सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों एवं स्कूलों के लगभग 82 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

आईक्यूएसी (IQAC)के मल्टीवर्स सीरीज के अंतर्गत कार्यशाला के मुख्य व्याख्याता डॉ0 तेजस्वी विजय आजाद (सेवानिवृत्त, संयुक्त निदेशक, आयुष विभाग ) ने “वाइल्ड फूड ऑफ हिमालयन रीजन” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने हिमालयन रीजन में उपलब्ध जैव विविधता पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य के लिए इसके होने वाले फायदे से परिचित करवाया और इसके उपयोग एवं खोज के लिए प्रेरित भी किया किया। कार्यक्रम में प्रो0 अंजलि चौहान, डॉ0 सरोज भारद्वाज, डॉ0 मदन मनकोटिया, डॉ राजेश आजाद , डॉ0 ज्योति शुक्ला, डॉ0 श्रीकांत शर्मा के अतिरिक्त अन्य सभी शिक्षक गण व लगभग 100 छात्राएं मौजूद रहीं।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close