शिक्षा

बदलाव: शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली के प्रारूप की अधिसूचना शीघ्र होगी जारी

सचिव शिक्षा से मिला हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ

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ग्रीष्मकालीन स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव को लेकर एवं वार्षिक परीक्षाओं के संदर्भ में अधिसूचना जारी करने तथा 2017 से प्लेसमेंट पर कार्य कर रहे प्रधानाचार्य को नियमित करने की मांग को लेकर सचिव शिक्षा से मिला हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ : चौहान

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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का एक शिष्टमंडल आज सुबह हिमाचल सरकार के शिक्षा सचिव से सचिवालय मे प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में मिला जिसमें संगठन के मुख्य संरक्षक श्री अरुण गुलेरिया तथा मंडी जिला के अध्यक्ष तिलक नायक , कुलदीप अत्री एवं संघ के अन्य पदाधिकारी शामिल थे इस शिष्टमंडल ने शिक्षा सचिव से मांग की की मौसम की परिस्थितियों एवं मानसून की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश से शिक्षकों की तरफ से एक मांग आ रही है कि ग्रीष्मकालीन स्कूलों में होने वाली 28 दिन की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों जोकि 22 जून से होनी है उसमें बदलाव करने की आवश्यकता है यह छुट्टियां 22 जून से ना होकर 15 जुलाई से शुरू होनी चाहिए क्योंकि इस वर्ष गर्मी की संभावनाएं तो नहीं है लेकिन ज्यादा बरसात की संभावना हो सकती है और जुलाई माह मानसून की दृष्टि से ज्यादा प्रभावित करता है जिसमें बच्चों को स्कूल आने में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है और बहुत सी दुर्घटनाएं भी हो जाती है इसलिए 15 जुलाई से छुट्टियों के लिए उपयुक्त समय है इसके अतिरिक्त शिष्टमंडल ने शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली के प्रारूप की अधिसूचना शीघ्र जारी कर इस असमंजस की स्थिति को खत्म करने की भी मांग की है इसके साथ साथ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव के समक्ष बड़ी प्रमुखता से यह मामला उठाया की प्रदेश भर में 1500 से अधिक ऐसे प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो गए है जिन्हें अभी तक नियमितीकरण का कोई लाभ नहीं मिला है या यूं कहें कि यह प्रधानाचार्य बिना किसी प्रधानाचार्य पद के लाभ से ही सेवानिवृत्त हो गए इसलिए संघ ने पुरजोर मांग की कि 2017 से 2023 के बीच जितने भी प्रधानाचार्य बनाएं गए हैं उन सबको नियमितीकरण का तोहफा देकर उन्हें सभी वित्तीय लाभ प्रदान किए जाए इस मामले में लोक सेवा आयोग की तरफ से आ रही देरी को विभाग व सरकार के द्वारा गंभीरता से ले कर शीघ्र ही नियमितीकरण प्रक्रिया को अंजाम दिया जाए और भविष्य में नियमित पदोन्नति से ही प्रधानाचार्य बनाये जाए 

 

Deepika Sharma

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