
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा मंच से शिक्षकों के प्रति अपमानित करने वाले शब्दों की निंदा की है।
आज जारी एक प्रेस ब्यान में संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर , , महासचिव संजीव ठाकुर ,संगठन सचिव राजेश सैणी , वित्त सचिव धीरज व्यास, प्रेस सचिव प्रेम शर्मा , चेयरमैन विनोद बन्याल पंजाब कॉर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन रजनीश राणा , उप प्रधान विकास रत्तन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेन्द्र नेगी , ऊना जिला प्रधान संजीव पराशर, हमीरपुर के जिला उप प्रधान डॉ सुरेश कुमार ,बिलासपुर के प्रधान नरेश ठाकुर, मंडी के जिला रंगीला ठाकुर, जिला शिमला के प्रधान लोकेंद्र नेगी जिला कांगड़ा के प्रधान राकेश भड़वाल चम्बा के प्रधान दीप सिंह , सिरमौर के प्रधानं सुरेंद्र पुंडीर , सोलन के प्रधान चंद्र देव आदि ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी द्वारा शिक्षकों का उपहास निंदनीय है और इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग जो की सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों का विरोध करते हो इतने वरिष्ठ मंत्री को शोभा नहीं देता क्योकि अध्यापकों को फ्रंट लाइन वर्कर सरकार ने घोषित किया था और ये मंत्रिमण्डल का फैसला था इसका अर्थ ये हुवा की मंत्री जी इस फैसले से इत्तफाक नहीं रखते उन्हें सिर्फ अपने विभाग के सिवा कोई दूसरे विभाग के कर्मचारी करोना काल में काम करते नजर नहीं आते ! संघ के अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर ने बताया कि करोना वायरस के चलते पिछले वर्ष मार्च महीने से स्कूलों को बंद करना पड़ा था लॉकडाउन के दौरान आन लाइन शिक्षा को प्रारम्भ किया गया था विभिन्न स्कूल व् शिक्षक ज़ूम और माइक्रोसोफ्ट टीम जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए क्लासेस ले रहे हैं. दीक्षा और स्वयं सिद्ध जैसे पोर्टलों पर कई भाषाओं में लेसन पढ़े जा रहे ! शिक्षकों के पास कम्प्यूटर, टेबलेट, प्रिंटर, राउटर जैसी चीजें उपलब्ध नहीं थीं इसके बाबजूद उन्होंने बिना किसी वित्तीय लाभ के अपने पैसों से इन चीजों को खरीद कर बच्चों को ऑन लाइन शिक्षा प्रदान की ताकि बच्चों की पढ़ाई बहुत बाधित हो !
केसर सिंह ठाकुर ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान शिक्षकों ने लाखों रुपए कोविड केयर्स फंड में डोनेट कर फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में कार्य करते हुए प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग के साथ कोविड जांच केन्द्र, वैक्सिनेशन सैंटर, और पुलिस प्रशासन के साथ बॉर्डर्स और विभिन्न स्थानों पर लगी जांच टीम में अपनी सेवाएं प्रदान की है और अभी भी जारी है इसके साथ ही प्रदेश में बच्चों की शिक्षा प्रभावित ना हो इसलिए हर घर पाठशाला कार्यक्रम में सभी शिक्षक दिन रात मेहनत कर बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं जिससे देशभर में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नंबर एक स्थान पर रहा है प्रदेश में शिक्षण कार्य बंद नहीं होने दिया और अभी पूरे प्रदेश में शिक्षक बच्चों के साथ लाइव क्लासेज ऑन लाईन क्विज, ट्रैनिंग, लगाने के साथ-साथ दिन भर में सभी प्रकार के विभागीय कार्य कोविड ड्यूटी, चुनावी ड्यूटी, वोटर लिस्ट बनाने की ड्यूटी,बीएलओ ड्यूटी, पढ़ना लिखना अभियान सहित अनेक विभागीय कार्य शिक्षकों को ही सौंपे गए है बावजूद इसके मंच से शिक्षक समाज पर तंज कसना मंत्री जी को शोभा नहीं देता है इस बारे मंत्री जी को अपने शब्दों को वापिस लेना चाहिए और हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ इसकी घोर निंदा करता है और मंत्री जी से आशा करता है की वो शीघ्र अपने वक्तब्य पर खेद व्यक्त करगे अन्यथा प्रवक्ता संघ इस वक्तब्य पर रोष प्रकट करने के लिये सड़को पर उतरने पर भी गुरेज नहीं करेगा




